समस्तीपुर/पटोरी :- पटोरी प्रखंड के तारा धमौन पंचायत में वाया नदी पर बना 29 वर्ष पूर्व बनाया गया पुल धराशायी हो गया। इससे तारा धमौन पंचायत के लगभग 4 हजार लोगों को आवागमन में काफी परेशानी झेलनी होगी। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग दो माह पूर्व जल संसाधन विभाग ने वाया नदी की उड़ाही करायी थी। उस समय नदी सूखी हुई थी।
गंगा के जलस्तर में वृद्धि से शुक्रवार शाम सूखी वाया नदी में पानी आ गया। जिसकी धार से पुल के पीलर के आसपास की मिट्टी कट गई। इससे देर शाम ईंट का एक पीलर बैठ गया और रात करीब 10 बजे पुल टूटकर नदी में लटक गयी। रात होने के कारण इस पुल के टूटने से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। पुल टूटने की सूचना पर शनिवार को एसडीओ निशिकांत, सीओ विकास कुमार सिंह व ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों ने धराशायी पुल का स्थल निरीक्षण किया।
1994 में भूदान आंदोलन के प्रणेता विनोबा भावे के सहकर्मी एवं पूर्व मुखिया स्वर्गीय भुवनेश्वर राय की पहल पर ग्रामीणों ने चंदा कर 6 फीट चौड़े पुल के लिए ईंट के 6 पीलर बनवाए थे। बाद में एक पीलर का निर्माण जवाहर रोजगार योजना से किया गया था। अर्थाभाव के कारण ईंट से पीलर का निर्माण किया गया था।
बाद में सांसद, विधायक, एमएलसी के कोष से प्राप्त 01 लाख 20 हजार रुपए की राशि से पुल का निर्माण किया गया था। चौड़ाई कम होने के कारण पुल होकर सिर्फ पैदल, साइकिल व बाइक से ही ग्रामीण बाजार, प्रखंड व अनुमंडल मुख्यालय आते जाते थे। पुल के धराशायी हो जाने से ताराधमौन के लगभग 4 हजार लोगों को परेशानी होगी और उन्हें अब ढ़ाई से तीन किमी की अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी।
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