समस्तीपुर :- डेंगू और फ्लू ही नहीं, लोग आंखों में इन्फेक्शन लेकर समस्तीपुर सदर अस्पताल पहुंच रहे हैं। लोगों के आंख लाल होकर सुज रहे हैं। जिससे उन्हें देखने तक में परेशानी हो रही है। समस्तीपुर शहर समेत जिले के विभिन्न प्रखंडों से आई इन्फेक्शन या कंजक्टिवाइटिस के मरीज सदर अस्पताल आ रहे हैं।
सदर अस्पताल के ईएनटी डॉ. मेराज खान का कहना है कि यह बेहद संक्रामक है। लोगों को बचने के लिए प्रॉपर हायजीन मेंटेन करने की जरूरत है। सरकारी और निजी, दोनों तरह के अस्पतालों और प्राइवेट क्लिनिक्स में आंख दिखाने आ रहे मरीजों की कतार लगी है। आंखें लाल होने से लेकर खुजली, पानी बहना और इरिटेशन जैसी समस्याएं हो रही हैं। कंजक्टिवाइटिस के मामले बढ़ने के पीछे बदला मौसम प्रमुख वजह है।
डॉक्टर्स ने गर्मी और उमस के चलते वायरस में म्यूटेशन की संभावना भी जताई है। आमतौर पर कंजक्टिवाइटिस जैसे इन्फेक्शन को ठीक होने में एक-दो हफ्ते लगते हैं। हालांकि, इस बार लोगों को ज्यादा एंटीबायोटिक्स देने की जरूरत पड़ रही है।
आंख की पुतली के सफेद हिस्से यानी कंजक्टिवा में सूजन को कंजक्टिवाइटिस कहते हैं। यह अधिकतर किसी वायरल इन्फेक्शन के जरिए फैलता है। कंजक्टिवाइटिस बेहद संक्रामक है और बड़ी तेजी से इसका प्रसार होता है। सदर अस्पताल में हर रोज आंख की समस्या लेकर सैकड़ों लोग पहुंचे थे। जिनमें सर्वाधिक बच्चों की संख्या है।
प्राइवेट स्कूलों की ओर से पैरंट्स के नाम सर्कुलर जारी किया जा रहा है कि आई फ्लू होने पर बच्चों को दो-तीन दिन स्कूल ना भेजें क्योंकि यह फैलने वाली बीमारी है और आंखों को आराम देना जरूरी है। कई स्कूलों का यह भी कहना है कि आई फ्लू के अलावा डायरिया, टाइफाइड के मामले भी काफी सामने आ रहे हैं। इस बीमारी की वजह से निजी विद्यालयों में छात्रों को क्लास रूम से बाहर रहना पड़ रहा है।
कंजक्टिवाइटिस का सबसे आम लक्षण आंखों का लाल होना है। इसके अलावा आंखों में खुजली, जलन और पानी बहने की समस्या भी आ सकती है। मरीज फोटो-सेंसिटिव हो सकते हैं यानी उन्हें तेज रोशनी से परेशानी हो सकती है। डॉक्टर्स मरीजों को काला चश्मा पहनने की सलाह देते हैं।
कंजक्टिवाइटिस से बचाव कैसे करें?
सदर अस्पताल के ईएनटी डॉ. मेराज खान ने कहा कि यह वायरल इन्फेक्शन है। उन्होंने कहा कि यह बेहद संक्रामक है। वायरस संपर्क या तरल के जरिए फैलता है, इसलिए हायजीन मेंटेन करना बहुत जरूरी है। आंखों को कम से कम छुएं। दूसरों से संपर्क अवॉइड करें। अगर बच्चों को इन्फेक्शन हो तो 3-5 दिनों के लिए आइसोलेट कर दें।
रुमाल, तौलिया आदि को शेयर ना करें।
कंजंक्टिवाइटिस पीड़ित मरीजों से दूरी बनाकर रखें
अगर आपके घर में कोई कंजंक्टिवाइटिस से पीड़ित है, तो उनकी मदद के बाद तुरंत हाथ साफ करें
स्वीमिंग से बचें धूल, केमिकल और तेज धूप से बचें आंखों पर काला चश्मा लगाएं।
भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें आंख लाल हो तो तुरंत डॉक्टर से मिले, बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी आई ड्रॉप न डालें।
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