रोहिणी नक्षत्र के साथ खरीफ सीजन 2023-24 का आगाज; धान का बिचड़ा गिरना शुरू, 21 दिनों बाद धान की होगी रोपनी

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समस्तीपुर :- जिले में खरीफ सीजन 2023-24 का आगाज रोहिणी नक्षत्र के साथ शुरू हो गया। इस नक्षत्र में संपन्न किसानों ने धान का बिचड़ा डालने का काम शुरू कर दिया है। हालांकि बाजार में पर्याप्त बीज नहीं रहने व विभाग की ओर से अब तक अनुदानित बीज उपलब्ध नहीं कराने के कारण यह तेज गति नहीं पकड़ सका है।
इधर खेतों में पर्याप्त नमी नहीं रहने के कारण किसानों को मशक्कत करनी पड़ रही है।। बिचड़ा गिराने के 21 दिनों बाद से धान की रोपनी शुरू होगी। जिले में करीब 1 लाख 28 हजार 574 हेक्टेयर भूमि में खेती होगी। जिसमें मुख्य फसल के तौर पर 80 हजार हेक्टेयर भूमि में सिर्फ धान की खेती होगी।

इसके अलावा किसान मक्का, दलहन,तेलहन व मड़ुआ आदि की खेती भी करेंगे। इस साल प्री मानसून बारिश काफी कम होने से खेतों में नमी काफी कम है। जिससे किसान चिंतित हैं। वहीं, अधिकांश किसान पटवन कर खेत को तैयार कर रहे हैं। जिससे खेतों में नमी बरकरार रहने पर बिचड़ा गिरा सकें। यहां बता दें कि जिले में करीब दो लाख 42 हजार किसान खेती करते हैं। मौसम विभाग ने 15 जून से पहले बिहार में मानसून आने की भविष्यवाणी की है।
21 हजार मीट्रिक टन यूरिया की जरूरत :
खरीफ फसलों की खेती को लेकर जिला कृषि विभाग भी बीज व खाद की उपलब्धता में जुट गया है। आवश्यकतानुसार बीज व खाद के आवंटन को लेकर सरकार व निबंधित कंपनियों को पत्र भेजा गया है। जिससे कि किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित दर व अनुदान का लाभ देते हुए बीज व खाद वितरित किया जा सके। मिली जानकारी के अनुसार पूरे खरीफ सीजन में सिर्फ धान की खेती करने के लिए जिले को 21 हजार मीट्रिक टन यूरिया, 55 एमटी डीएपी, 45 सौ एमटी एनपीके, 25 सौ एमटी एमओपी व 26 सौ एमटी एसएसपी खाद की जरूरत है।

ऐसे करें पोषक तत्व का प्रबंधन :
किसान प्रति 100 मीटर नर्सरी के लिए 2 किलोग्राम डीएपी या 3 किलोग्राम 15:15:15 एनपीके व एक किलोग्राम पोटाश का उपयोग कर सकते हैं। जब भी बिचड़ा 10 से 12 दिन का हो जाए तब डेढ़ किलोग्राम यूरिया और 250 ग्राम जिंक सल्फेट का प्रयोग करना चाहिए। इससे बिचड़ों का विकास अच्छा होता है। यदि बिचड़ों में पोषक तत्वों की कमी के लक्षण दिखाई दे तो 50 ग्राम जिंक सल्फेट और 200 ग्राम यूरिया का 15 लीटर पानी में घोल बनाकर बिचड़ों पर छिड़काव करना चाहिए।






