समस्तीपुर :- समस्तीपुर सदर अस्पताल में एमसीएच (मदर एंड चाइल्ड हॉस्पीटल) के निर्माण में घटिया किस्म का बालू का भी प्रयोग करने की शिकायत पर मामले की जांच की गयी। इस दौरान सदर अस्पताल के डीएस डॉ. गिरीश कुमार, अस्पताल प्रबंधक चंदन कुमार एवं बीएमसीआईएल के अभियंता अभिषेक ने तत्काल बालू की जांच की। पोषण पुनर्वास केंद्र के सामने गिराए गए बालू की जांच की गयी, जिसमें गुणवत्तापूर्ण बालू नहीं था। साथ ही बालू के बदले नदी के ढाव का उजला मिट्टी मिक्स था। यह देख अधिकारी भड़क गए।
अभियंता अभिषेक ने संवेदकर को बुलाकर तत्काल इस बालू को हटाने का निर्देश दिया। साथ ही छत की ढलाई, प्लास्टर व दिवाल जोड में इस तरह के बालू का प्रयोग करने पर कारवाई करने की चेतावनी दी गयी।
मिली जानकारी के अनुसार सदर अस्पताल परिसर में एमसीएच भवन का निर्माण काफी तेज गति से किया जा रहा है। इसको लेकर बुधवार की सुबह कई ट्रक बालू सदर अस्पताल परिसर में लाया गया। इसी दौरान ट्रक में पीछे से नदी का रेत व आगे से बालू लोड था।
अनलोडिंग के दौरान रेत नीचे चला गया और बालू उपर हो गया। घटिया बालू गिराए जाने की सूचना डीएस को दी गयी। साथ ही इसका वीडियो के साथ सीसीटीवी की भी जांच की गयी। जिसके बाद अधिकारियों ने बालू की जांच की तो उसमें बालू की गुणवत्ता ठीक नहीं थी।
जिसके बाद उसे तत्काल हटाने का आदेश दिया। साथ ही बालू की अनलोडिंग अपने सामने कराने का निर्देश संवेदक के कर्मियों को दी गयी। अगर ऐसा नहीं होता है और इसकी शिकायत मिलने पर तत्काल कारवाई की जाएगी। साथ ही ईट के बारे में भी जांच रिपोर्ट की मांग संवेदक से की गयी, ताकि यह देखा जाए कि भवन में प्रयोग किए जा रहे ईट की गुणवत्ता सही है या नहीं।
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