समस्तीपुर: सरकारी अस्पताल से दवा कालाबाजारी की जांच करने पहुंचे सिविल सर्जन, Samastipur Town ने प्रमुखता से दिखाई थी खबर

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समस्तीपुर/विभूतिपुर :- सामुदायिक स्वास्थ्य विभूतिपुर से रात के अंधेरे में दवा कालाबाजारी के मामले में गुरुवार को सिविल सर्जन डॉ एसके चौधरी जांच के लिए विभूतिपुर पहुंचे। सिविल सर्जन के अचानक विभूतिपुर सीएचसी में पहुंचने से स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप मच गया। सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य कर्मियों को बुलाकर दवा से संबंधित मामले में पूछताछ की।
इस दौरान कई मरीजों ने भी दवा नहीं मिलने की शिकायत की। बाद में सिविल सर्जन ने पत्रकारों को बताया कि इस मामले में जांच कमेटी जांच कर रही है। जांच उपरांत रिपोर्ट आने पर दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों को छोड़ा नहीं जाएगा। सिविल सर्जन करीब 2 घंटे तक विभूतिपुर सीएचसी में रहे और दबाके स्टॉक से लेकर पंजी रजिस्टर्ड तक का अवलोकन किया।

बताया गया है कि इस दौरान कई गड़बड़ियां सामने आई है, हालांकि वह इस बारे में कुछ भी बताने से परहेज किया। निरीक्षण के दौरान रोसड़ा के एसडीओ ब्रजेश कुमार भी उनके साथ थे। ब्रजेश कुमार ने कहा कि इस मामले से जुड़े सभी लोगों का बयान लिया गया है। रात में ड्यूटी करने वाले डॉक्टर और कर्मियों का बयान लिया जा रहा है। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लग रहा है।
आपको बता दे कि मंगलवार रात विभूतिपुर सीएचसी से वहां के फार्मासिस्ट द्वारा कई झोले में रखकर सरकारी दवा और व्हीलचेयर एक दुकानदार को बेचा जा रहा था। इसी दौरान गांव के कुछ ग्रामीणों द्वारा मामले का वीडियो बना लिया गया था। जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
इस मामले को समस्तीपुर टाउन मीडिया ने प्रमुखता से चलाया था। जिसके बाद सकते में आए स्वास्थ्य प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच कमेटी का गठन किया था। गुरुवार को मामले को लेकर डीएम के आदेश पर सिविल सर्जन खुद भी पीएचसी में जांच के लिए पहुंचे हैं। सिविल सर्जन ने इस मामले में कहा है कि जांच चल रही है कोई भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।
वायरल वीडियो…





