समस्तीपुर :- विश्वकर्मा काष्ट शिल्प विकास सिमिति के बैनर तले विश्वकर्मा समाज के लोगों ने समाज दशा व दिशा को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। इससे पहले शहर भर में पैदल मार्च निकाला गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शत्रुध्न शर्मा ने की। वहीं जिला सचिव राहुल रमण ने कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी विश्वकर्मा समाज का दशा जस का तस है। कोई भी राजनीतिक पार्टी तरहीज नहीं दे रहा है। लौह लकड़ी उद्योग का स्थान प्लास्टिक लेता जा रहा है।
आरामशीन जप्त कर सरकार बढ़ई का रोजगार छीन रही है, जिससे समूल नष्ट हो रहा है। आश्वासन के बावजूद बिहार काष्ठ आधारित उद्योग प्रोत्साहन नीति अन्तर्गत हाथ से काम करने वाले दुकानदारों के उत्थान हेतु औजार और पूँजी के लिए बिना ब्याज का एक लाख भुगतान करने का प्रावधान नहीं किया गया है। विधायिका में प्रतिनिधित्व शून्य है। इस समाज पर अत्याचार बढ़ता जा रहा है।
बिना किसी बहस के विधानसभा से पारित काले कानून के कारण 18 हजार लोग झूठे मुकदमा के शिकार है। 200 लोग उजर गये है, जो दूसरे राज्य में शरणार्थी बने हुए हैं। 98 प्रतिशत लोग भूमिहीन और मजदूर है, जिनका कल्याण बोर्ड का निबंधन कराने में एलईओ/ एलएस तरह-तरह के अड़चन खड़ा कर रहा है। लोगों को इस योजना का लाभ मिलना बन्द है। इसलिए 11 सूत्री मांगों को लेकर विश्वकर्मा समाज धरना-प्रदर्शन कर रहा है। इन्होंने कहा कि मांगे पूरी नहीं होगी तो मार्च में यह संगठन विधान सभा का भी घेराव करेगा। धरना-प्रदर्शन को जगदीश शर्मा, लालबाबु शर्मा, राम लखन शर्मा, हरेकृष्ण शर्मा, राम विष्णु ठाकुर, हरिशायन्द्र शर्मा, संजय कुमार शर्मा, राज किशोर शर्मा सहित अन्य लोगों ने संबोधित किया।
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