विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर समस्तीपुर में जागरूकता रैली का किया गया आयोजन

आंखों की रोशनी के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां व फल का सेवन जरूरी

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समस्तीपुर :- विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर सदर अस्पताल में जागरूकता रैली का आयोजन किया गया, जिसमें डॉक्टर अस्पताल कर्मी एवं नर्सिंग की छात्राओं ने भाग लिया। आज के दौर में एक ओर जहां इलेक्ट्रॉनिक चीजें हमारे दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बन गयी हैं। वहीं दूसरी ओर ये हमारे स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर डाल रहा है। भले ही आज हम मोबाइल फोन, कंप्यूटर व टीवी आदि के बिना अपने आप को अधूरा मानते हैं। लेकिन दूसरी ओर इनके कारण नेत्र रोग की समस्या से पीड़ित लोगों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है।

लोगों को नेत्र रोग और आंखों की देखभाल के प्रति जागरूक करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन और अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिहीनता रोकथाम एजेंसी की पहल पर वर्ष 2000 के बाद हर साल अक्टूबर महीने के दूसरे बृहस्पतिवार को विश्व दृष्टि दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष यह दिवस आज यानि 13 अक्टूबर को जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर जागरूकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।

सिविल सर्जन डॉ एसके चौधरी ने बताया कि विश्व दृष्टि दिवस बचने योग्य अंधेपन और दृष्टि नुकसान के वैश्विक मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने के लिए व्यक्तियों, समुदायों को प्रोत्साहित करने वाले संगठनों को एक विशेष मंच प्रदान करता है। बच्चों की आंखें संवेदनशील होती हैं। बच्चों में दृष्टिदोष के कारण उनका महत्वपूर्ण जीवनकाल प्रभावित होता है। इसके साथ ही बच्चों के आंखों में दर्द, लालिमा या भेंगापन होना जैसी समस्या भी होती है। ऐसी किसी समस्या को नजरअंदाज करना सही नहीं है।

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बच्चों से उनके आंखों के विषय में करते रहें पूछताछ :

बच्चों में आंखों की समस्या का पता तब चलता है जब विशेषकर वे पढ़ने लिखने लगते हैं। ऐसे में स्कूल में एडमिशन कराने के समय बच्चों की आंखों की जांच जरूर करानी चाहिए। छह माह या एक साल में बच्चों के आंखों की जांच अवश्य करायी जानी चाहिए। बच्चों से समय समय पर पूछते रहें कि क्या वह पढ़ने लिखने या चलने फिरने या नजदीक या दूर की वस्तुओं को देखने आदि में किसी परेशानी का सामना तो नहीं कर रहे हैं। आंखों में दर्द या ऐसी किसी प्रकार की समस्या की जानकारी लेते रहें।

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खाने में शामिल करें हरी पत्तेदार सब्जियां व फल :

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ पवन कुमार ने बताया आंखों के लिए विटामिन ए बेहद जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक विटामिन ए बच्चों की आंखों की रोशनी तथा उनके शारीरिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। विटामिन ए प्राप्त करने के प्राकृतिक तरीकों को अपनाने के साथ स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जाने वाली विटामिन ए की खुराक भी दी जानी चाहिए। विटामिन ए की खुराक बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाती है। बच्चों के खाने में हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी एवं ताजी सब्जियां और पीली एवं नारंगी रंग के फल आदि शामिल करें। पालक और गाजर में विटामिन ए काफी मात्रा में पाया जाता है।

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आंखों को स्वस्थ्य और सामान्य रखने के टिप्स :

सिविल सर्जन ने बताया कि इलेक्ट्रानिक वस्तु का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा नहीं करना चाहिए। साथ ही प्रतिदिन छह से आठ गिलास पानी पीना चाहिए। दरअसल पानी आंखों में नमी और ताजगी बनाये रखता है। रात को पूरी नींद लें । रोजाना की दिनचर्या निर्धारित करें। झुककर या लेटकर नहीं पढ़ें ।

मौके पर सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ गिरीश कुमार ,सदर अस्पताल प्रबंधक विश्वजीत रामानंद, डीपीसी डॉ आदित्य नाथ झा, साइट सेवर संस्था के अरविंद कुमार, वीणा कुमारी ओटी असिस्टेंट, मोहम्मद बशीर नेत्र सहायक, सर्वोदय कुमार नेत्र सहायक आदि मौजूद थे।

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