मोतीलाल की ‘दगाबाजी’ से तेज प्रताप यादव हुए चौकन्ने, जेजेडी की पूरी कार्यकारिणी भंग

बिहार सरकार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) की पूरी कार्यकारिणी को भंग कर दिया है। उन्होंने यह फैसला अपने निजी सहायक (पीए) मोतीलाल राय पर चोरी का आरोप लगाने के बाद की है। जेजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप ने सोमवार को पटना के सचिवालय थाने में मोतीलाल राय पर पार्टी फंड से 20 लाख रुपये कैश समेत अन्य कीमती सामान चुराने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद मंगलवार को उन्होंने मोतीलाल को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पद से हटा दिया। साथ ही जेजेडी के राष्ट्रीय और प्रदेश संगठन को भंग करने की भी सूचना दी।
जेजेडी चीफ तेज प्रताप यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जल्द ही वह नए सिरे से पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश संगठन का गठन करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सोमवार देर रात को पटना के 42 ए हार्डिंग रोड स्थित आवास से मोतीलाल राय ने उनके कई कीमती सामान चुरा लिए। इसमें महत्वपूर्ण कागजात और नकद रुपये शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मोतीलाल कैश और सामान लेकर दीवार फांदकर फरार हो गया। इस कारण उन्हें पार्टी के महासचिव पद से निष्कासित कर दिया गया है।

चौकन्ने हुए तेज प्रताप यादव
मोतीलाल राय लंबे समय से तेज प्रताप यादव के साथ साया बनकर रहते थे। वह जेजेडी के राष्ट्रीय महासचिव के साथ ही उनके पीए भी थे। तेज प्रताप ने उन पर चोरी का आरोप लगाया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अपने भरोसेमंद साथी की कथित दगाबाजी से वह अब चौकन्ने हो गए हैं। यही वजह है कि उन्होंने पार्टी संगठन को भंग कर दिया है। अब वह नए सिरे से कार्यकारिणी का गठन करेंगे और ऐसे लोगों को संगठन से बाहर कर सकते हैं, जिन्हें वे भरोसेमंद मानने से थोड़ा संकोच कर रहे हैं।

आरजेडी से बेदखल होने के बाद बनाई थी जेजेडी
बता दें कि अनुष्का यादव से कथित रिलेशन की बात सार्वजनिक होने के बाद पिछले साल तेज प्रताप को उनके पिता लालू प्रसाद यादव ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और परिवार से बेदखल कर दिया था। तेज प्रताप के सोशल मीडिया हैंडल से अनुष्का यादव के साथ फोटो और रिलेशन में होने के दावे वाली पोस्ट की गई थी। इसे कुछ देर बाद ही डिलीट कर दिया गया था और कहा गया था कि उनका अकाउंट हैक हो गया है। हालांकि, कुछ ही घंटों में दोनों के कई अन्य फोटो भी वायरल हो गए थे।
आरजेडी से निकाले जाने के बाद तेज प्रताप यादव ने जनशक्ति जनता दल नाम से नई पार्टी का गठन किया था। उन्होंने कुछ सीटों पर बिहार विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन सभी पर बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद तेज प्रताप अपनी पार्टी संगठन को मजबूत करने और अन्य राज्यों में इसका विस्तार करने में जुट गए।

इसी बीच, अनुष्का यादव ने एक बेटी को जन्म दिया। दावा किया जाने लगा कि यह तेज प्रताप की बेटी है। हालांकि, फरवरी 2026 में तेज प्रताप ने खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट किया कि उनका उस लड़की से कोई लेना-देना नहीं है। वह उस बच्ची के पिता नहीं हैं। उन्होंने आकाश भाटी नाम के एक शख्स का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें जाकर पूछिए कि उसका अनुष्का यादव से क्या संबंध है।
पिछले दिनों, अनुष्का के भाई आकाश यादव ने तेज प्रताप यादव के खिलाफ पटना में एक एफआईआर दर्ज कराई। इसमें आरोप लगाया गया कि तेज प्रताप ने उनके घर में जबरन घुसने की कोशिश की। साथ ही अनुष्का की बेटी उज्जैनी को अपहरण कर उठा ले जाने की धमकी भी दी। दूसरी ओर, तेज प्रताप ने भी आकाश यादव के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी है कि वह उनकी हत्या कराना चाहते हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इसकी एफआईआर दर्ज नहीं की है।


