बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का पहला मुख्यमंत्री बनाकर सरकार और राजकाज को अपने नियंत्रण में लेने की भाजपा की तैयारियों का क्लाइमेक्स राज्यसभा के चुनाव से पहले सामने आ गया है। होली के दिन चर्चा शुरू हो गई कि 19 साल से भी ऊपर समय से राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सीएम का पद बीजेपी के लिए खाली करने और राज्यसभा चुनाव के जरिए दिल्ली जाने का ऑफर भाजपा ने दे दिया है। तीन दिन पहले ही 75 साल का बर्थडे मनाने वाले नीतीश को इस ऑफर में उनके बेटे निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाने की पेशकश भी की गई है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा ने नीतीश को मनाने के मिशन पर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के पूर्व अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा को लगाया है।
पटना में पल-पल बदल रहे राजनीतिक मौसम के बीच संजय झा शाम में नीतीश कुमार से मिलने के लिए मुख्यमंत्री आवास गए थे। वहां से लौटने के बाद उनके घर पर जेडीयू के नेताओं की बैठक चल रही है। नीतीश से मिलने राज्य सरकार के सीनियर मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और अशोक चौधरी भी सीएम हाउस गए थे। केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर शाम 7.30 बजे के बाद संजय झा के आवास गए हैं जो खुद राज्यसभा के एक संभावित उम्मीदवार हैं। बीजेपी की योजना के मुताबिक हरिवंश नारायण सिंह वाली दूसरी सीट से नीतीश कुमार राज्यसभा जा सकते हैं। बाकी 3 कैंडिडेट बीजेपी ने पहले ही घोषित कर दिए हैं, जिसमें बीजेपी के अध्यक्ष नितिन नवीन, सासाराम से लोकसभा हारे शिवेश राम और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक नीतीश को मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाने के बदले बीजेपी के नेतृत्व वाली अगली एनडीए सरकार में डिप्टी सीएम के 2 पद जेडीयू को देने की बात है। नीतीश के इकलौते बेटे निशांत कुमार गुरुवार को जेडीयू में औपचारिक तौर पर शामिल हो रहे हैं। यह तय दिख रहा है कि सरकार में जेडीयू कोटे के 2 डिप्टी सीएम में एक उप-मुख्यमंत्री निशांत कुमार ही होंगे। दूसरे नेता के नाम का फैसला नीतीश कुमार करेंगे। संजय झा और ललन सिंह अगर नीतीश को मनाने में सफल होते हैं तो नई सरकार में बीजेपी से ज्यादा संख्या जेडीयू के मंत्रियों की होगी। कई बड़े-बड़े मंत्रालय भी जदयू के हिस्से में आएंगे।
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह इस समय सीन से बाहर हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि नीतीश के बहुत ही करीबी पुराने समाजवादी नेता ललन सिंह कैमरों की चमक से दूर अपने नेता को समझाने में लगे हुए हैं। संजय झा वैचारिक रूप से भाजपा के करीब हैं और दिवंगत भाजपा नेता अरुण जेटली के जरिए नीतीश कुमार की कोर टीम का हिस्सा बने हैं। भाजपा ने ललन सिंह और संजय झा को नीतीश को मनाने का काम सौंपकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं कि वो बिहार में भाजपा के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनाने की लंबे समय से लंबित योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए इस बार पूरी तरह तैयार है।
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