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सीटों का तोल-मोल और बैठकों का दौर, बात सिर्फ संख्या की नहीं है… महागठबंधन में फंसे पेंच की कहानी

बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद दोनों प्रमुख गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर हलचल तेज है. पटना से लेकर दिल्ली तक बैठकों का दौर चल रहा है. प्रमुख नेताओं के बीच एक-एक सीट को लेकर तोल-मोल जारी है. दोनों खेमों में सीट बंटवारा फाइनल होते-होते अटक जा रहा है. RJD के नेतृत्व वाली विपक्षी इंडिया गठबंधन में सीट बंटवारे पर मची हलचल के बीच मंगलवार देर शाम तेजस्वी यादव के साथ बैठकों का दौर जारी रहा है.

RJD कांग्रेस को 54 सीटें देने को तैयार

सोमवार देर रात तक कांग्रेस और RJD नेताओं की हुई बैठक के बाद सूत्रों ने बताया कि RJD कांग्रेस को करीब 54 सीटों के लिए RJD तैयार हो गई है. हालांकि कांग्रेस 10 और सीटों की मांग कर रही है. ऐसे में बीच का रास्ता निकालने की कोशिश जारी है. मंगलवार रात एक बार फिर दोनों दलों के नेता मिलेंगे.

लेफ्ट ने 19 सीटों का प्रस्ताव ठुकराया, 30 की मांग

दूसरी तरफ सीपीआईएमएल ने RJD के 19 सीटों का प्रस्ताव खारिज कर दिया है और करीब 30 सीटों की मांग की है. बीते विधानसभा और लोकसभा चुनावों में सीपीआई एमएल का स्ट्राइक रेट सबसे अच्छा रहा था. यही वजह है कि एमएल ज़्यादा सीटों के लिए दबाव बना रही है. वहीं सीपीआई और सीपीएम को मिलाकर आरजेडी पिछली बार की तरह ही 10 सीटें दे सकती है.

मंगलवार शाम भी तेजस्वी के कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के महासचिव डी. राजा, राज्य सचिव रामनरेश पांडे सहित वरीय नेताओं की बैठक हुई. बैठक से जुड़ी जो तस्वीरें सामने आई, उसमें नेताओं का बॉली लैंग्वेज पॉजीटिव साइन कर रहा है. ऐसे में माना जा रहा है कि लेफ्ट की अड़चन दूर कर ली गई है.

मुकेश सहनी की पार्टी को 12 सीटों का प्रस्ताव

सूत्रों के मुताबिक आरजेडी ने मुकेश साहनी की पार्टी वीआईपी को 12 सीटों का प्रस्ताव दिया है लेकिन वीआईपी 20 से ज़्यादा सीटों के साथ साथ उप मुख्यमंत्री पद की मांग भी कर रही है. जेएमएम, पशुपति पारस की आरएलजेपी और आईपी गुप्ता की इंक्लूसिव पार्टी को आरजेडी और कांग्रेस अपने कोटे से एडजस्ट करेगी.

सीटों की संख्या के साथ-साथ मजबूत सीटों की दावेदारी की लड़ाई

माना जा रहा है कि RJD करीब 140 सीटों पर खुद लड़ना चाहती है. अगर RJD थोड़ा पीछे हटने (130 सीट) के लिए तैयार होती है तो सीटों का बंटवारा आसानी से हो जाएगा वरना कुछ सीटों पर सहयोगी दलों के बीच दोस्ताना लड़ाई के आसार बनते नजर आ रहे हैं. लेकिन सीट बंटवारे के रास्ते में संख्या के साथ-साथ मजबूत सीटों की दावेदारी भी है. कांग्रेस खुले तौर पर कह चुकी है कि सीटों की संख्या कम हो सकती है, लेकिन कमजोर सीटों का बंटवारा भी सभी सहयोगी दलों में होना चाहिए.

भले ही सीटों पर पेच उलझा हुआ लेकिन सूत्रों का कहना है कि बात बन जाएगी. इंडिया गठबंधन में सीट बंटवारे की संभावित तस्वीर ऐसी मानी जा रही है –

बिहार चुनावः इंडिया एयालंस की सीट शेयरिंग (संभावित)

सब ठीक रहा तो अगले दो दिनों में इंडिया गठबंधन के बीच सीटों के बंटवारे के साथ तेजस्वी को सीएम उम्मीदवार बनाने का ऐलान कर दिया जाएगा.

Avinash Roy

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