समस्तीपुर जिले के सभी सरकारी स्कूल अब मॉडल टाइम टेबल से चलेंगे, निर्देश किया गया जारी

समस्तीपुर : अब जिले के सरकारी प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक, संस्कृत, मदरसा विद्यालय मॉडल टाइम – टेबल के अनुसार चलेंगे। यह समय का निर्धारण शिक्षा विभाग के स्तर से किया गया है। इससे संबंधित निर्देश डीईओ को जारी किया गया है। इसके तहत सुबह 9.30 बजे से 10 बजे बच्चों का गेट अप, पोशाक, बाल और नाखून की जांच शिक्षक करेंगे। इसके बाद प्रार्थना व बिहार गीत आदि करायेंगे। फिर सामान्य ज्ञान, समाचार वाचन एवं अन्य परिचर्चा कराई जाएगी।

असेम्बली में सभी शिक्षक, शिक्षिका व शिक्षकेत्तर कर्मी उपस्थित रहेंगे तथा प्रत्येक दिन राष्ट्रगान (जन-गण-मन) से समापन करायेंगे। इस कार्यक्रम में लाउडस्पीकर का प्रयोग अनिवार्य रहेगा।अनिवार्य रूप से प्रत्येक कक्षा के बच्चों के लिए खेलकूद, संगीत, नृत्य व पेंटिंग का एक घंटी निर्धारित करना है। प्रत्येक गतिविधि के लिए अलग-अलग वर्ग के लिए अलग-अलग समयांतराल निर्धारित कराना है। एक ही साथ सभी वर्गों के लिए एक विद्या/गतिविधि जैसे-खेल-कूद आदि निर्धारित नहीं किया जाएगा।

यदि विद्यालय में किसी कक्षा की बोर्ड या सेंटअप परीक्षा ली जा रही हो तो अन्य कक्षाओं को स्थगित नहीं किया जायेगा। अन्य कक्षाओं में अध्यापन का कार्य चलता रहेगा। शनिवार को विद्यालय में पूरे दिन गतिविधि (यथा निर्धारित बैगलेस सुरक्षित शनिवार वर्ग 1 से 8 तक के लिए) जारी रहेगी। मध्यान्तर तक माध्यमिक/ उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अध्यापन कार्य होगा। भोजनावकाश / मध्यान्तर के बाद बाल संसद/सभा, खेल-कूद, सृजनात्मक गतिविधि, अभिभावकों के साथ बैठक (महीने में एक शनिवार को) आयोजित की जायेगी।

जिस माह में पांचवा शनिवार आएगा, उस शनिवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन करते हुए पिछले सभी शनिवार में बच्चों द्वारा निर्मित सामग्रियों/गतिविधियों का प्रदर्शन किया जायेगा एवं समीक्षा करते हुए शिक्षकों द्वारा आकलन/मूल्यांकन किया जायेगा। संस्कृत बोर्ड के अन्तर्गत विद्यालय तथा राजकीय उर्दू विद्यालय को भी इस मॉडल टाइम टेबल का पालन करना है। सभी वर्ग शिक्षक कक्षा में अपेक्षाकृत कमजोर बच्चों को आगे की पंक्तियों में अनिवार्य रूप से बिठाएंगे। यदि कमजोर बच्चे नहीं है तभी अन्य बच्चे आगे की पंक्ति में बैठेंगे।

सामान्य विद्यालय के प्रत्येक वर्ग/सेक्शन में छात्र एवं छात्राए एक साथ बैठेंगे। छात्र एवं छात्राओं के लिए अलग-अलग वर्ग/सेक्शन का संचालन नहीं किया जायोग। शिक्षक की उपलब्धता के आधार पर प्रधानाध्यापक रूटीन बनाएंगे। निर्धारित पाठ्यक्रम पूरा कराने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की होगी। प्रत्येक दिन छात्र/छात्राओं को गृह कार्य देना एवं अगले दिन उसकी जांच करना प्रत्येक शिक्षक का दायित्व होगा। प्रतिदिन विद्यालय परिसर, वर्गकक्ष, रसोईघर एवं शौचालय’ आदि की साफ-सफाई के निरीक्षण करने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की होगी।

Avinash Roy

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