समस्तीपुर बनेगा केले की खेती का हब, 150 हेक्टेयर में बाग लगाने का है लक्ष्य

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समस्तीपुर :- समस्तीपुर केले की खेती के हब के रूप में विकसित होगा। इस वर्ष जिले में 150 हेक्टेयर में केला का बाग लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों की झोली इसकी खेती से भरेगी। किसानों में केले की खेती का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए जी- 9 नस्ल के केले का बड़े पैमाने पर उत्पादन होगा। जिला उद्यान विभाग ने इसकी खेती के प्रति किसानों को आकर्षित करना शुरू कर दिया है। उन्हें अनुदानित दर पर केले के पौधा उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, आधुनिक खेती के लिए प्रशिक्षित भी किया जा रहा।

किसानों को केले का बाग लगाने के लिए आवेदन की स्वीकृति मिलने के बाद किसानों ने केले का पौधा दिया जाएगा। विभागीय स्तर पर खेती के लिए प्रखंडवार लक्ष्य दिया गया है। इधर, कृषि विभाग का कहना है कि जिले की मिट्टी केले की खेती के लिए उपयुक्त है। उद्यान विभाग की पहल पर जिले में प्रत्येक वर्ष योजना बना कर किसानों से केला की खेती करायी जा रही है। इससे न केवल समस्तीपुर जिला केला उत्पादन का हब बनेगा, बल्कि केला की खेती के प्रति किसान जागरूक हो रहे हैं और अपनी आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ कर रहे हैं।

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इन प्रखंडों में लगाया जाएगा केला का बाग :

जिले में वित्तीय वर्ष 2022-23 में 150 हेक्टेयर में केले के बाग लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें सबसे अधिक 45 हेक्टेयर में ताजपुर में खेती की जानी है। इसके अलावा समस्तीपुर प्रखंड में 10 हेक्टेयर, विभूतिपुर में 20 हेक्टेयर, वारिसनगर व खानपुर में 12-12 हेक्टेयर, दलसिंहसराय, कल्याणपुर में 10 हेक्टेयर, उजियारपुर, मोरवा, हसनपुर व मोहिउद्दीनगर में 5-5 हेक्टेयर, सरायरंजन में तीन हेक्टेयर, रोसड़ा, पूसा व शिवाजीनगर में दो-दो हेक्टेयर, पटोरी व विद्यापतिनगर में 1-1 हेक्टेयर में खेती की जानी है।

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पायलट प्रोजेक्ट के तहत कराई जानी है खेती :

टीशु कल्चर क्षेत्र विकास योजना के तहत जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चालू वित्तीय वर्ष में खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए किसानों से आवेदन मांगा गया है। सहायक उद्यान निदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा ही किसानों को उन्नत किस्म के जी- 9 केला हेतु पौधा उपलब्ध कराया जाएगा। उद्यान विभाग के अनुसार जिले की मिट्टी के केले की खेती काफी उपयुक्त है। मिट्टी के परीक्षण के बाद केला की खेती की जा रही है। विभागीय स्तर पर केला की खेती के लिए प्रत्येक प्रखंड में ऐसे इलाकों को चिह्नित कर लिया गया है, जहां केला की अच्छी पैदावार होने की संभावना है।

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एक हेक्टेयर में केले की खेती पर 1.25 लाख रुपये होते है खर्च :

जिला उद्यान विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस बार जिले में 150 हेक्टेयर में केले की खेती की जा रही है। एक हेक्टेयर में केले की खेती करने के लिए 1.25 लाख रुपये की लागत खर्च आएगी। जिसके लिए संबंधित किसान को 62,500 रुपये का 50 प्रतिशत की दर से अनुदान मिलेगा। जिले में केले की खेती के लिए उन्नत प्रभेद जी-9 विकसित किया गया है। इससे किसान लागत का कई गुना मुनाफा कमा सकते हैं।

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