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केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के पूर्व कुलपति के पांच वर्षो के कार्यकाल की होगी जांच

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समस्तीपुर/पूसा :- डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में हुई 18वीं प्रबंध बोर्ड की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कुलपति डा. कृष्ण कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में सदस्यों ने पूर्व कुलपति डा. आरसी श्रीवास्तव के कार्यकाल में हुई वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितता की जांच पर भी चर्चा की। बताया गया कि पूर्व कुलपति डॉ. आरसी श्रीवास्तव के बीते 5 वर्षो के कार्यकाल की जांच होगी।

इसके तहत वित्तीय व प्रशासनिक मामलों में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार की गहन जांच की जाएगी। इसके लिए राष्ट्रपति (कुलाध्यक्ष) ने जांच समिति का गठन किया है। इसका खुलासा डीएआरई (भारत सरकार के कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा) के अपर सचिव संजय गर्ग ने विवि के प्रबंध बोर्ड की बैठक में किया।

मिली जानकारी के अनुसार बीत पांच अगस्त को हुई बैठक में सदस्यों ने पूर्व कुलपति पर वित्तीय व प्रशासनिक मामलों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए तथ्य खोज कमेटी के गठन करने की मांग की थी। जिसके जवाब में अपर सचिव ने कुलाध्यक्ष (राष्ट्रपति) द्वारा पूर्व में ही जांच समिति का गठन करने की जानकारी देने के साथ तथ्य खोज कमेटी की जरूरत को खारिज कर दिया। हालांकि तकनीकी कारण से बैठक में दी गयी इस जानकारी को गुप्त रखा गया था।

वहीं अब विश्वविद्यालय में पीएचडी के लिए पांच वर्ष के कार्यकाल के अध्ययन अवकाश को घटाकर तीन वर्ष कर दिया गया है। विश्वविद्यालय में हुई पदोन्नति में बड़े पैमाने पर अनियमितता की शिकायत मिली है। अब विश्वविद्यालय में नई मूल्यांकन समिति बनाकर पदोन्नति की जाएगी। वहीं विश्वविद्यालय में 21 मई को सड़क दुर्घटना में मृत छात्र अखिल साहू के स्वजनों को विश्वविद्यालय की तरफ से आर्थिक सहायता राशि देने पर भी प्रबंध बोर्ड में सहमति बनी। इस संबंध में महाविद्यालय अपना कार्य कर रहा है।

यूडीसी के सहायक लिपिक में पदोन्नति के लिए अब स्नातक की योग्यता होना जरूरी नहीं है। एचओडी का पद तीन वर्ष का चक्रीय आधार पर अब विश्वविद्यालय में होगा। 13 शिक्षकों की प्रोबेशन कार्य समाप्ति के बाद नियुक्ति कंफर्म किया गया है। विश्वविद्यालय में पूर्ववर्ती छात्रों का संगठन बनाने पर भी निर्णय लिया गया। वरीय अकाउंटेंट क्लर्क को जूनियर बनाने के एजेंडा को रद कर दिया गया है।

उद्यान विश्वविद्यालय पूसा, ढोली, बिरौली के अलावा केला अनुसंधान केंद्र गोरौल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय महाविद्यालय पिपराकोठी मोतिहारी एवं वानिकी महाविद्यालय सभी महाविद्यालय एवं संस्थानों के एक ही डीन होंगे। उन्हीं के अंदर यह सभी महाविद्यालय एवं संस्थान कार्य करेंगे। कुलपति का सचिव प्रतिनियुक्ति के आधार पर किया जाएगा। इसके अलावा अन्य मामलों पर चर्चा हुई। बैठक में प्रबंध बोर्ड के सदस्य सहित विश्वविद्यालय के निदेशक, अधिष्ठाता, कुलसचिव सहित अन्य मौजूद रहे।

Avinash Roy

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