राजस्थान के नए मुख्यमंत्री के नाम का एलान कर दिया गया है। भजन लाल शर्मा के हाथों में अब राज्य की सत्ता की कमान होगी। भाजपा विधायक दल की बैठक में भजन लाल शर्मा के नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई। इससे पहले पार्टी ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, सरोज पांडे और विनोद तावड़े को पर्यवेक्षक जयपुर भेजा था।
इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। वसुंधरा ने चुनावी नजीतों के बाद पार्टी के कई विधायकों को डिनर पार्टी दी थी, जिसे दबाव की राजनीति के तौर पर देखा गया था। हालांकि, नड्डा से मुलाकात के बाद वसुंधरा के सुर बदले-बदले नजर आए थे और उन्होंने खुद को पार्टी का अनुशासित कार्यकर्ता बताया था।
विधायक दल की बैठक में चुना गया नेता
इसके बाद पार्टी ने राज्य के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी थी। उन्हें राज्य में मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी सस्पेंस पर विराम लगाने और विधायक दल का नेता चुनने के लिए सभी की सहमति बनाने का जिम्मा सौंपा गया था। इसके बाद मंगलवार को हुई विधायक दल की बैठक में भजन लाल शर्मा को चुना गया।
विधायक बने सांसदों के इस्तीफे ने बढ़ा दी थी सरगर्मी
इससे पहले राजस्थान के राजसमंद की सांसद दीया कुमारी, जयपुर के सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़, राज्यसभा सदस्य किरोड़ी लाल मीणा और अलवर के सांसद बाबा बालक नाथ ने विधानसभा चुनाव जीतने के बाद इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से अटकलें लगाई जाने लगी थीं कि पार्टी वसुंधरा के अलावा किसी दूसरे चेहरे पर दांव खेल सकती है।
21 सांसदों को उम्मीदवार बनाया था
भाजपा ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के विधानसभा चुनावों में कुल 21 सांसदों को उम्मीदवार बनाया था। इनमें से 12 ने जीत दर्ज की है। भाजपा ने मध्य प्रदेश और राजस्थान में सात-सात, छत्तीसगढ़ में चार और तेलंगाना में तीन सांसदों को विधानसभा चुनाव के मैदान में उतारा था।
मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में चौंकाया
इससे पहले भाजपा ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर मोहन यादव के नाम पर मुहर लगाकर सभी चौंका दिया था। मोहन यादव उज्जैन दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक हैं। यह भी तय किया गया कि मध्य प्रदेश में दो उपमुख्यमंत्री भी होंगे। इनके लिए जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला का चुना गया। जगदीश देवड़ा मल्हारगढ़ और राजेंद्र शुक्ला रीवा से विधायक हैं। इसके अलावा स्पीकर पद के लिए नरेंद्र सिंह तोमर के नाम का एलान किया गया था।
वहीं, छत्तीसगढ़ में भाजपा ने विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री के लिए चुनकर सियासी गलियारे में हलचल मचा दी थी। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि राज्य में दो डिप्टी सीएम होंगे और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह स्पीकर हो सकते हैं।
25 नवंबर को मतदान, तीन दिसंबर को आए थे नतीजे
राजस्थान में करणपुर विधानसभा सीट को छोड़कर बाकी सभी 199 सीटों पर 25 नवंबर को चुनाव कराए गए थे।इसके नतीजे 3 दिसंबर को आए। राजस्थान विधानसभा चुनाव के सियासी घमासान में कांग्रेस को पछाड़ कर भाजपा ने 115 सीटें जीतीं। वहीं कांग्रेस को 69 सीटें ही मिल सकीं। इसके अलावा 15 सीटें अन्य के खाते में गईं।
समस्तीपुर : दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और शहर में सुचारू यातायात व्यवस्था…
समस्तीपुर : दुर्गा पूजा के सप्तमी, महाअष्टमी, महानवमी एवं विजयादशमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की…
समस्तीपुर : नगर निगम समस्तीपुर के नगर आयुक्त गौतम कुमार ने शुक्रवार को उत्क्रमित मध्य…
'जलने वाले जलते रहें, हम आगे बढ़ते रहेंगे. मैं गंदी नाली के कीड़ों पर ध्यान…
समस्तीपुर/सरायरंजन : सरायरंजन थाना क्षेत्र के बरुणा रसलपुर के समीप एसएच-88 पर तेज रफ्तार ट्रक…
समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले में शिक्षा व्यवस्था और सरकारी संपत्तियों की बदहाली की पोल खोलने…