Patna Metro: पटना मेट्रो ने रचा इतिहास, 5.2 किलोमीटर सुरंग की खुदाई पूरी; रेलवे स्टेशन समेत कई जगह आना-जाना आसान

पटना मेट्रो (Patna Metro) रेल परियोजना के भूमिगत निर्माण कार्य में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। पटना मेट्रो ने पीसी-03 पैकेज के तहत नौवें टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ब्रेकथ्रू को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इसके साथ ही टीबीएम-1 ने मोइनउल हक मेट्रो स्टेशन से पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन तक अपलाइन में 5.2 किलोमीटर लंबे भूमिगत टनलिंग स्ट्रेच की खुदाई पूरी कर ली है। पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएमआरसीएल) के अनुसार इस स्ट्रेच पर यह टीबीएम-1 का अंतिम ब्रेकथ्रू था। इसके साथ ही मशीन ने इस हिस्से में अपना भूमिगत टनलिंग कार्य पूरा कर लिया है।
मालूम हो कि पटना मेट्रो के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी अहम है, क्योंकि शहर के घनी आबादी वाले और महत्वपूर्ण हिस्सों के नीचे मेट्रो सुरंगों का निर्माण तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण है। भूमिगत हिस्से में टीबीएम के जरिये सुरंग तैयार करने के दौरान जमीन की स्थिति, ऊपर मौजूद सड़क, भवनों और अन्य बुनियादी ढांचों को ध्यान में रखते हुए बेहद सावधानी से काम किया जाता है।


राजधानी के महत्वपूर्ण हिस्सों को यह टनल मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने में भूमिका निभाएगी
मोइनउल हक मेट्रो स्टेशन से पटना जंक्शन तक तैयार की गई 5.2 किलोमीटर लंबी सुरंग पटना के महत्वपूर्ण हिस्सों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी। पटना जंक्शन शहर का प्रमुख रेलवे केंद्र है। ऐसे में मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को रेलवे स्टेशन और शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। पीएमआरसीएल ने इस उपलब्धि को पटना के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि हर ब्रेकथ्रू के साथ तेज, सुरक्षित और बेहतर कनेक्टेड पटना का सपना वास्तविकता के करीब पहुंच रहा है।

एजेंसी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पीछे लगातार काम कर रही पूरी टीम के प्रयासों की भी सराहना की है। पटना मेट्रो के भूमिगत हिस्से में लगातार हो रहे टीबीएम ब्रेकथ्रू से निर्माण कार्य में तेजी के संकेत मिल रहे हैं। शहर के नीचे सुरंगों का नेटवर्क तैयार होने के बाद पटना के सार्वजनिक परिवहन तंत्र को नया स्वरूप मिलने की उम्मीद है। पीएमआरसीएल की यह उपलब्धि परियोजना के निर्माण सफर में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।




