Bihar

जात देखकर एनकाउंटर की तेजस्वी की बात में कितना दम? सम्राट राज में 11 मुठभेड़ का पूरा हिसाब

बिहार में नवंबर में नीतीश कुमार की दसवीं सरकार में सम्राट चौधरी के गृहमंत्री वाला डिप्टी सीएम बनने के बाद से अपराधियों के एनकाउंटर में आई तेजी सम्राट चौधरी के सीएम बनने के बाद नई स्पीड से आगे बढ़ रही है। सम्राट चौधरी के 35 दिनों के कार्यकाल में 11 मुठभेड़ हुए हैं, जिसमें 2 अपराधी साफ हो गए, जबकि 9 अपराधी हाफ एनकाउंटर के बाद लंगड़ा बनाकर छोड़ दिए गए। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और विधानसभा में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने मुठभेड़ में जाति का एंगल घुसाते हुए आरोप लगाया है कि पुलिस जाति देखकर एनकाउंटर कर रही है। एनकाउंटर में मारे गए या जख्मी हुए क्रिमिनल की जातियों का विश्लेषण तेजस्वी यादव के आरोप का साथ दे रहे हैं या नहीं, ये देखने वाले के नजरिए पर निर्भर है। जिस तरह अच्छे लोग हर जाति, समाज और धर्म में हैं, उसी तरह अपराधी भी सभी वर्ग-समुदाय में हैं।

सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री कार्यकाल को देखें तो पुलिस ने 2 फुल और 9 हाफ एनकाउंटर किए हैं। फुल एनकाउंटर में मारे गए रामधनी यादव ने सुल्तानगंज नगर परिषद के दफ्तर में घुसकर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या कर दी थी और हमले के दिन घायल चेयरमैन की भी आगे मौत हो गई थी। दूसरा फुल एनकाउंटर सीवान में सोनू यादव का हुआ, जिसने सड़क किनारे खड़ी गाड़ी में स्क्रैच लगने के बाद बहस के दौरान भाजपा के पूर्व विधान पार्षद के भांजे की गोली मारकर हत्या कर दी थी और बहनोई को जख्मी छोड़ दिया था। एनकाउंटर का मनोविज्ञान समझने वाले अपराध की गंभीरता से अंदाजा लगा लेते हैं कि आरोपी का क्या होने वाला है। परिवार या लोगों के सामने से पकड़ा गया अपराधी भी पुलिस की हिरासत में अपने ठिकाने से हथियार बरामद करवाने जाता है, गोली चलाता है और मारा जाता है।

रामधनी यादव और सोनू यादव के अलावा बिहार पुलिस ने बीते 35 दिनों में पटना में दिलीप राय को 22 अप्रैल, नवादा में मिंटू यादव को 26 अप्रैल, सीवान में 30 अप्रैल को छोटू यादव, पटना में 12 मई को अवधेश साव और पप्पू राय का एक साथ, सीवान में 18 मई को अंकित सिंह, पटना में 18 मई को संदीप कुमार, पटना में ही 19 मई को नीतीश सिंह और समस्तीपुर में 20 मई को प्रिंस वर्णवाल का हाफ एनकाउंटर किया है। अपराधियों में जाति नहीं गिननी चाहिए, लेकिन इन 11 एनकाउंटर में जाति गिनने पर 6 यादव और 5 गैर यादव मिलते हैं। गैर यादवों में राजपूत से लेकर बनिया जाति तक के आरोपी शामिल हैं।

वैशाली में प्रिंस कुशवाहा, मोतिहारी में कुंदन ठाकुर और प्रियांस दुबे भी मारे गए थे

नीतीश सरकार के दौरान डिप्टी सीएम रहे सम्राट चौधरी के गृहमंत्री कार्यकाल में इसी साल फरवरी में बिहार पुलिस और एसटीएफ ने हाजीपुर में प्रिंस कुशवाहा, जबकि मोतिहारी में कुंदन ठाकुर और प्रियांश दुबे को एनकाउंटर में मार गिराया था। प्रिंस कुशवाहा पर 2 लाख रुपये का इनाम था। मार्च में मारे गए कुंदन ठाकुर और प्रियांश दुबे ने तो सहायक थानेदार को ही फोन करके पुलिस वालों को निपटाने की धमकी दे दी थी। कुंदन-प्रियांश से मुठभेड़ के दौरान घायल पुलिस जवान श्रीराम यादव बाद में शहीद हो गए थे।

Avinash Roy

Recent Posts

दलसिंहसराय में नाबालिग छात्रा से जबरदस्ती की कोशिश, एक हफ्ते से FIR के लिए भटक रहा पीड़ित परिवार; पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप

समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय थाना क्षेत्र में 9वीं क्लास की एक छात्रा से…

2 घंटे ago

समस्तीपुर सदर अस्पताल में प्रसव के दौरान महिला की मौ’त, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

समस्तीपुर : सदर अस्पताल में शनिवार को प्रसव के दौरान 26 वर्षीय महिला की मौत…

16 घंटे ago

दुर्गा पूजा को लेकर अलर्ट हुआ जिला प्रशासन, समस्तीपुर शहर के पूजा पंडालों का किया गया निरीक्षण

समस्तीपुर : दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और शहर में सुचारू यातायात व्यवस्था…

2 दिन ago

दुर्गा पूजा को लेकर ताजपुर में निकाला गया फ्लैग मार्च, SDO व DSP ने सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

समस्तीपुर : दुर्गा पूजा के सप्तमी, महाअष्टमी, महानवमी एवं विजयादशमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की…

2 दिन ago

उत्क्रमित मध्य विद्यालय लगुनियां के नवाचारों की समस्तीपुर नगर आयुक्त ने की सराहना

समस्तीपुर : नगर निगम समस्तीपुर के नगर आयुक्त गौतम कुमार ने शुक्रवार को उत्क्रमित मध्य…

2 दिन ago