Bihar

सूरजभान के भाई चंदन सिंह को रालोजपा में बड़ा पद, पशुपति पारस ने बिहार का प्रदेश अध्यक्ष बनाया

पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने बाहुबली सूरजभान सिंह के भाई चंदन सिंह को राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) में बड़ी जिम्मेदारी दी है। नवादा से पूर्व सांसद चंदन सिंह को रालोजपा का बिहार अध्यक्ष बना दिया गया है। पहले इस पद पर पारस के भतीजे प्रिंस राज थे। प्रिंस को पिछले दिनों पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था, जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष का पद खाली हुआ था।

रिपोर्ट्स के अनुसार, रालोजपा सुप्रीमो पशुपति पारस ने गुरुवार को पटना में पार्टी की आपात बैठक बुलाई। उसमें चंदन सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की घोषणा की गई। इस दौरान पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रिंस राज समेत अन्य वरीय नेता भी मौजूद रहे। पारस ने नए प्रदेश अध्यक्ष चंदन सिंह का फूल-माला पहनाकर स्वागत भी किया।

चंदन सिंह 2019 में नवादा सीट से लोक जनशक्ति पार्टी के टिकट से लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद चुने गए थे। लोजपा में टूट के बाद वह पशुपति पारस के गुट में आ गए थे। तब से वे रालोजपा में हैं। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य कारणो से वे बीते एक साल से सक्रिय राजनीति से दूर थे। अब फिर से वे पार्टी में सक्रिय हो गए हैं और पार्टी में बड़ा पद संभालेंगे।

इससे पहले पारस के भतीजे प्रिंस राज पासवान रालोजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे। बीते 9 मार्च को उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। पार्टी चीफ पशुपति पारस ने यह भी घोषणा की थी कि प्रिंस अगले दो महीने के भीतर पार्टी के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिए जाएंगे। इसके बाद बिहार प्रदेश अध्यक्ष का पद खाली हो गया था, जिस पर अब चंदन सिंह की नियुक्ति की गई है।

सूरजभान ने चुनाव से पहले छोड़ी थी पार्टी

चंदन के बड़े भाई एवं बाहुबली सूरजभान सिंह पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव से पहले रालोजपा छोड़ आरजेडी में चले गए थे। उन्होंने अपनी पत्नी वीणा देवी को आरजेडी के टिकट पर मोकामा सीट से मैदान में उतारा था। मगर, जेडीयू के बाहुबली अनंत सिंह के सामने उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

बिहार विधानसभा चुनाव में रालोजपा की हुई थी बुरी हार

पिछले साल हुए बिहार चुनाव में पशुपति पारस की पार्टी रालोजपा को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था। 2024 के लोकसभा चुनाव में चिराग पासवान की पार्टी लोजपा-रामविलास के एनडीए में आने के बाद पारस की पार्टी को साइडलाइन कर दिया गया था। एनडीए ने उन्हें एक भी सीट लड़ने के लिए नहीं दी थी। फिर बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पारस ने एनडीए छोड़ दिया था। उनके महागठबंधन में जाने पर भी चर्चा चली लेकिन तेजस्वी यादव की आरजेडी से बात नहीं बन पाई थी।

इसके बाद रालोजपा ने दोनों ही गठबंधन से अलग रहकर बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ा, कुछ सीटों पर प्रत्याशी उतारे लेकिन एक पर भी जीत नहीं मिल पाई। पारस के बेटे यशराज खगड़िया जिले की अलौली सीट से चुनाव लड़े थे, लेकिन वह भी चुनाव नहीं जीत पाए थे। चुनाव में करारी हार के बाद अब रालोजपा संगठन को मजबूत करने में जुटी है।

Avinash Roy

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