अनंत सिंह ने की थी शराबबंदी को हटाने की मांग, अब डिप्टी CM विजय चौधरी ने दो टूक में दिया जवाब

बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद राज्य में शराब की बिक्री चालू होगी या नहीं, यह सवाल सियासी गलियारों में घूम रहा है। इस पर अब सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। सम्राट सरकार में डिप्टी सीएम एवं जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरीय नेता विजय कुमार चौधरी ने स्पष्ट किया है कि बिहार में शराबबंदी नहीं हटेगी। मोकामा से जदयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने पिछले कुछ दिनों से लगातार शराब चालू करने की मांग कर रहे हैं। जदयू ने अब इससे पल्ला झाड़ लिया है और डिप्टी सीएम ने इसे अनंत सिंह की व्यक्तिगत राय करार दिया।
डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने गुरुवार को पटना स्थित जदयू प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या सम्राट कैबिनेट का विस्तार होने के बाद शराबबंदी कानून पर और सख्ती की जाएगी, या फिर शराब को चालू कर दिया जाएगा? इस पर चौधरी ने कहा कि किसी भी नीति को लागू करने या नहीं करने से मंत्रिपरिषद के विस्तार का कोई लेना देना नहीं है। कैबिनेट विस्तार होने से सरकार की नीति नहीं बदलती है।

जब उनसे पूछा गया कि एनडीए के कुछ नेता शराबबंदी कानून को खत्म करने की मांग कर रहे हैं, उनमें जदयू विधायक अनंत सिंह भी शामिल हैं। इस पर विजय चौधरी ने कहा, “अनंत सिंह पार्टी हैं? यह उनकी व्यक्तिगत राय है। किसी की व्यक्तिगत राय का पार्टी से क्या लेना-देना है।”

शराबबंदी पर सवाल उठाने वाले पहले खुद सोचें- डिप्टी सीएम
उन्होंने कहा कि जब शराबबंदी कानून लागू हुआ था तब सभी पार्टियों ने इस पर अपना समर्थन दिया था। पार्टी, सरकार और विधायक तीनों अलग चीजें हैं। डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि जो लोग बोलते हैं कि शराबबंदी गलत बात है, तो विधानसभा में जब कानून बन रहा था तब उन्होंने क्या किया था। उन्होंने शराबबंदी कानून पर सवाल उठाने वालों को नसीहत दी है कि किसी चीज पर बोलने से पहले उन्हें खुद इस पर विचार करना चाहिए।

और सख्ती से लागू होगी शराबबंदी…
एक दिन पहले भी डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने मीडिया से बातचीत में शराबबंदी पर कहा था, “मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ी स्पष्टता से है कहा कि जो पहले से कानून बना हुआ है, उसे सख्ती से लागू किया जाएगा।”

अनंत सिंह कर रहे शराब चालू करने की मांग
मोकामा से जदयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह लगातार शराबबंदी कानून पर सवाल उठाते हुए राज्य में दारू चालू करने की मांग कर रहे हैं। दुलारचंद यादव हत्याकांड में जमानत पर जेल से निकलने के एक हफ्ते बाद अनंत सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा था कि शराबबंदी जिस उद्देश्य से लागू की गई थी, वह पूरा नहीं हुआ है। इसलिए शराब को अब चालू कर देना चाहिए।

पिछले सप्ताह नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद जब सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार का गठन हो रहा था। तब एनडीए विधायक दल की बैठक में शामिल होने के बाद विधानसभा के बाहर भी अनंत सिंह ने यह मांग दोहराई। इसके दो दिन बाद उन्होंने फिर कहा था कि शराब से प्रतिबंध हटा देना चाहिए। हालांकि, वह इसे अपनी व्यक्तिगत राय बताते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह उनका सुझाव है, सरकार इसे माने या नहीं माने, यह उनके ऊपर है।

शराबबंदी के 10 साल
बता दें कि बिहार में 2016 से शराब के उत्पादन, बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा हुआ है। विपक्ष द्वारा लगातार आरोप लगाया जाता रहा है कि भले ही राज्य में शराबबंदी है, लेकिन अवैध रूप से दारू की जमकर तस्करी हो रही है। शहर से लेकर गांवों तक आसानी से शराब उपलब्ध हो जा रही है।
साथ ही, शराबबंदी की आड़ में तस्कर केमिकल वाली जहरीली शराब भी बेच रहे हैं, जिसके सेवन से अक्सर लोगों की जानें जा रही हैं। पिछले दिनों ही पूर्वी चंपारण जिले में मैथनॉल युक्त शराब का सेवन करने के बाद 10 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोगोंं की आंखों की रोशनी चली गई थी।
सत्ताधारी गठबंधन एनडीए के कई नेता और विधायक भी समय-समय पर अपनी ही सरकार की शराबबंदी नीति पर सवाल उठाते रहे हैं और इस कानून की समीक्षा की मांग करते रहे हैं।
