Bihar

JDU विधायक पप्पू पांडेय और उनके भाई सतीश की गिरफ्तारी तय! पुलिस को कोर्ट से मिला वारंट, SP विनय तिवारी ने गठित की विशेष टीम

बिहार में सत्ताधारी दल जेडीयू के विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय और उनके भाई सतीश पांडेय की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. ताजा घटनाक्रम में पुलिस ने दोनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट हासिल कर लिया है. विधायक और उनके भाई पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने का गंभीर आरोप है. पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है.

एसपी विनय तिवारी ने गठित की विशेष टीमें

गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक और उनके भाई की गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया है. ये टीमें अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी के लिए रवाना हो चुकी हैं. पुलिस की इस कार्रवाई से जिले के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है.

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार यह पूरी कार्रवाई कुचायकोट थाने में दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर की जा रही है. विधायक पप्पू पांडेय और सतीश पांडेय पर आरोप है कि उन्होंने भू-माफियाओं को न केवल संरक्षण दिया. बल्कि जमीन संबंधी अवैध कार्यों में उनकी मदद भी की. जांच के बाद पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट से वारंट प्राप्त किया है.

बाहुबली छवि और पुराना विवाद

पप्पू पांडेय की गिनती बिहार के रसूखदार और बाहुबली विधायकों में होती है. इससे पहले भी कई विवादों में उनका नाम आता रहा है. हालांकि इस बार भू-माफियाओं से जुड़ा मामला उनके लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है. क्योंकि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिले में अपराध और माफिया तंत्र के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है.

राजनीतिक सफर और प्रभाव

अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय गोपालगंज जिले की कुचायकोट विधानसभा सीट से लगातार चौथी बार विधायक हैं. उन्होंने अपना राजनीतिक करियर निर्दलीय और अन्य दलों के साथ शुरू किया था. लेकिन वर्तमान में वे जनता दल यूनाइटेड के प्रमुख स्तंभों में से एक माने जाते हैं. उनके परिवार का गोपालगंज और आस-पास के जिलों (सीवान और देवरिया) में बड़ा राजनीतिक रसूख है. उनके बड़े भाई सतीश पांडेय और भतीजे मुकेश पांडेय भी राजनीति में सक्रिय रहे हैं.

पप्पू पांडेय की पहचान एक बाहुबली नेता की रही है. उन पर हत्या, रंगदारी और अपहरण जैसे कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं. हालांकि वे खुद को जनता का सेवक बताते रहे हैं. गोपालगंज का चर्चित तिहरा हत्याकांड हो या हालिया भू-माफियाओं को संरक्षण देने का मामला, पप्पू पांडेय का नाम अक्सर विवादों से जुड़ता रहा है. इन सबके बावजूद अपने क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ और जातीय समीकरणों पर नियंत्रण के कारण वे अब तक अजेय रहे हैं.

Avinash Roy

Recent Posts

समस्तीपुर नगर निगम के सशक्त स्थायी समिति का चुनाव 18 अप्रैल को, एक दर्जन से अधिक पार्षद चुनावी मैदान में कूदने को तैयार

समस्तीपुर : नगर निगम समस्तीपुर की सबसे शक्तिशाली इकाई मानी जाने वाली सशक्त स्थायी समिति…

2 घंटे ago

बिहार में सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक का विरोध, IMA ने स्वास्थ्य विभाग को भेजा ज्ञापन

बिहार में सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर सरकार द्वारा पूर्ण प्रतिबंध के निर्णय का…

3 घंटे ago

बिहार में नया सीएम चुनने के लिए BJP ने शिवराज सिंह चौहान को सौंपी जिम्मेदारी, जल्द होगा नाम का एलान

बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर कवायद तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी ने…

4 घंटे ago

पटना में बनेगी दिल्ली की तरह 150 किमी लंबी रिंग रोड, समस्तीपुर समेत आसपास के कई जिलों को मिलेगा बड़ा फायदा

बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने विभिन्न मुद्दों पर बयान देते हुए विकास…

6 घंटे ago

बिहार में ‘बुलडोजर बवाल’ और ‘दंगा-फसाद’ नहीं चाहिए, निशांत को CM बनाने के लिए लगे पोस्टर

बिहार की सियासत में इन दिनों बिहार के नए सीएम को लेकर चर्चा तेज है.…

8 घंटे ago

बिहार में सरकारी कर्मचारियों की सोशल मीडिया ‘आजादी’ खत्म, राय देने पर जाएगी नौकरी

बिहार के सरकारी कर्मचारियों के लिए अब सोशल मीडिया का इस्तेमाल करना पहले जैसा नहीं…

10 घंटे ago