समस्तीपुर Town

नजर हर खबर पर…

BiharNEWS

बिहार: जेल गया, अब नौकरी से भी बर्खास्त; 5 साल पहले 11 हजार घूस लेते धराया था दरोगा

IMG 20260212 WA0118

बिहार के मुजफ्फरपुर में घूस लेते पांच साल पहले धरे गए दारोगा सदरे आलम को विभागीय कार्यवाही के आधार पर तिरहुत रेंज के डीआईजी चंदन कुशवाहा ने गुरुवार को सेवा से बर्खास्त कर दिया। मुजफ्फरपुर से स्थानांतरित होने के बाद वह अभी वैशाली जिला पुलिस बल में पदस्थ थे। बर्खास्तगी का पत्र वैशाली एसपी को भेज दिया गया है। मुजफ्फरपुर के अहियापुर में तैनाती के दौरान वह घूस लेते पकड़ा गया था।

निगरानी विभाग की विशेष टीम ने दारोगा सदरे आलम को 30 सितंबर 2021 को जीरोमाइल चौक के पास एक चाय दुकान पर सिपाहपुर की महिला तबस्सुम आरा से 11 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ पकड़ा था। तबस्सुम का पुत्र एक केस में फंसा था। महिला ने घूस मांगने की शिकायत निगरानी विभाग में की थी। सत्यापन के बाद निगरानी की टीम ने सदरे आलम को जीरोमाइल के पास से रंगेहाथ गिरफ्तार किया था।

IMG 20260326 WA0029paid hero ad 20250215 123933 1 scaled

वैशाली मैं तैनात था

घूसखोरी में पकड़े गए दारोगा सदरे आलम जमानत पर जेल से छूटने के बाद फिर मुजफ्फरपुर जिला बल ज्वाइन किया। उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। इस बीच, उसका स्थानांतरण वैशाली हो गया। विभागीय कार्यवाही में पांच साल की अवधि बीत गई। डीएसपी पूर्वी को उसके खिलाफ विभागीय जांच व कार्यवाही के लिए संचालन पदाधिकारी बनाया गया था।

IMG 20240904 WA0139

डीआईजी चंदन कुशवाहा ने आदेश में लिखा है कि विभागीय कार्यवाही व संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत होते हुए भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए गए एसआई सदरे आलम को दो अप्रैल 2026 की तिथि से सेवा से बर्खास्त किया जाता है।

IMG 20250821 WA0010

डीआईजी ने की सख्त टिप्पणी

डीआईजी ने लिखा है कि सदरे आलम जैसे पुलिसकर्मी के विभाग में बने रहने से आमजन के साथ अन्य पुलिसकर्मियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ऐसे भ्रष्ट पदाधिकारी का विभाग में रहने का कोई औचित्य नहीं है।

FB ADD scaled

सदरे आलम के खिलाफ की गई कार्रवाई बिहार पुलिस के अधिकारियों के लिए बड़ी सीख है। वर्दी पहनकर उसका अवैध तरीके से इस्तेमाल करना और लेन देन करने का नतीजा गलत ही होता है। बताया जाता है कि मुजफ्फरपुर में दारोगा सदरे आलम का आतंक कायम था। आम जनों को थाने में हरकाना, केस में फंसाने की धमकी देना, अवैध उगाही के लिए डराना उसका शगल बन गया था। एक महिला से 11 हजार घूस लेते हुए वह निगरानी की टीम के द्वारा दबोच लिया गया। जेल से निकलने के बाद उसकी नौकरी बहाल हो गई पर बच नहीं पाई। दूसरों को परेशान करने वाला दारोगा खुद सड़क पर आ गया।

IMG 20250204 WA0010IMG 20241218 WA0041IMG 20260201 WA0062 1