हरिवंश फिर बने राज्यसभा सांसद, JDU ने नहीं भेजा तो सरकार ने राष्ट्रपति द्वारा किया नामित

राज्यसभा के उपसभापति रहे हरिवंश को फिर से राज्यसभा की सदस्यता मिल गई है। इस बार उन्हें जेडीयू ने राज्यसभा नहीं भेजा था। माना जा रहा था कि अब राज्यसभा का उनका कार्यकाल समाप्त हो गया है, लेकिन उन्हें एक और चांस मिल गया है। यह मौका उन्हें नामित करके दिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से जारी आदेश के चलते उन्हें मनोनीत किया गया है। अधिसूचना में कहा गया है कि एक मनोनीत सांसद के रिटायरमेंट से जो रिक्ति हुई है, उस स्थान पर हरिवंश को मौका दिया गया है। अब वह फिर से राज्यसभा सांसद होंगे। हरिवंश को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का करीबी माना जाता था, लेकिन बीते कुछ समय से उनके रिश्तों में वह गर्मजोशी नहीं दिखी है।
माना जाता है कि इसी वजह से हरिवंश को एक और मौका जेडीयू से नहीं मिला। इस बीच उन्हें राष्ट्रपति की ओर से अधिसूचना जारी कर राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है। उनके पिछले कार्यकाल के लिए पीएम मोदी ने सदन में उनकी जमकर सराहना की थी। उनका कहना था कि हरिवंश ने सदन चलाने में अच्छी भूमिका अदा की। इसके अलावा अपने अनुभव से राज्यसभा को समृद्ध किया है। यही नहीं उन्होंने संकेत भी दे दिया था कि हरिवंश जी की राजनीतिक पारी अभी समाप्त नहीं हुई है और वह आगे भी जनहित में काम करते रहेंगे। माना जा रहा है कि पीएम मोदी की वह टिप्पणी एक संकेत थी कि कैसे हरिवंश फिर से लौट सकते हैं और वही हुआ।


9 अप्रैल को खत्म हुआ कार्यकाल, अगले दिन एक और मौका
हरिवंश का 9 अप्रैल को ही कार्यकाल समाप्त हुआ था और अगले ही दिन उन्हें नया मौका मिल गया है। पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई का कार्यकाल समाप्त होने के बाद एक मनोनीत सांसद की सीट खाली थी। उसी स्थान पर हरिवंश को मौका मिला है। 69 साल के हरिवंश पहले ही दो बार राज्यसभा में बिहार का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वह उच्च सदन के उपसभापति भी रहे हैं। इस दौरान व्यवस्था के साथ सदन का संचालन करने की उनकी काबिलियत की पीएम नरेंद्र मोदी ने भी तारीफ की है।

आज ही नीतीश कुमार लेंगे शपथ और हरिवंश को मिला एक और चांस
दिलचस्प तथ्य यह भी है कि आज ही उनके करीबी रहे नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद की शपथ लेने वाले हैं। इस बीच उन्हें भी एक और मौका मिल गया है। हरिवंश का लंबे समय तक पत्रकारिता का अनुभव रहा है। वह झारखंड और बिहार के बड़े अखबार प्रभात खबर के संपादक रहे हैं। हरिवंश को नीतीश कुमार करीबी माना जाता था और इसी कारण वह जेडीयू कोटे से सांसद के तौर पर चुने गए थे।




