Bihar

नीतीश के राज्यसभा निर्वाचन पर आनंद मोहन गुस्से में, बोले- BJP को भारी पड़ेगा; निशांत को फुल पावर दे NDA

नीतीश कुमार के बिहार विधान परिषद से त्यागपत्र देने की अंतिम तारीख आ गई है। 30 मार्च को उन्हें यह सीट छोड़ना पड़ेगा क्योंकि वे 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं। नीतीश कुमार की राजनीति पटना से दिल्ली शिफ्ट होने वाली है और नए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार में नई सरकार बनने वाली है। नीतीश के राज्यसभा जाने पर पू्र्व सांसद आनंद मोहन ने गुस्सा और नाराजगी का इजहार किया है। नाम लिए बिना(चाणक्य बोलकर) बिहार में सियासी फेरबदल के लिए अमित शाह को लपेट लिया है। यह भी कहा है कि बीजेपी को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। निशांत कुमार को फुल फ्लेज्ड पावर देने की वकालत आनंद मोहन ने की है।

पत्रकारों के सवाल पर आनंद मोहन ने कहा कि नीतीश कुमार की जगह बिहार में कौन सीएम बनेगा, यह फैसला तो शीर्ष नेतृत्व वाले नेताओं को लेना है। लेकिन, फैसला चाहे नीतीश कुमार का ही क्यों ना हो, बिहार के लाखों लोग इस फैसले से आहत हैं और असहमत हैं। पिछले चुनाव में जनता ने 2025 से 30, फिर से नीतीश के नारे पर मैंडेट दिया था। इस विश्वास को ठेस पहुंचेगा तो परिणाम अच्छे नहीं होंगे। जो रणनीतिकार, मंत्रणाकार यह समझते हैं कि इससे लाभ होगा तो वे गलत सोच रहे हैं। इसका नुकसान जेडीयू को उठाना पड़ेगा, बीजेपी को ज्यादा झेलना पड़ेगा। बैठे बिठाए इसका लाभ विपक्षी दलों को मिलेगा।

लोगों में इस फैसले से लोगों में गुस्सा है। जो लोग इसमें लाभ समझ रहे हैं तो वह क्षणिक है। लंबे समय में भाजपा को भी इसका नुकसान ही होगा। जो लोग भी इसे कूटनीतिक सफलता मानते हों पर पब्लिक में सही मैसेज गया है। यह मैसे एनडीए की सेहत के लिए ठीक नहीं है। पूर्व सांसद ने कहा कि निशांत कुमार को लाया जाना नीतीश कुमार के दिल्ली जाने के फैसले के लिए शॉक एब्जॉर्वर है। उनके आने से कुछ उम्मीद बढ़ी है लेकिन, उन्हें लाना है तो एनडीए फुल फ्लेज्ड लाए।

उप मुख्यमंत्री का मतलब चुप मुख्यमंत्री होता है। नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा से माहौल कुछ संतुलित हुआ है। लेकिन, इस पर ठंडे दिमाग से इस पर बैठकर विचार किया जाना चाहिए। बेटे चेतन आनंद पर कहा कि निशांत कुमार से उनके अच्छे रिश्ते हैं। नीतीश कुमार के साथ हमारा पारिवारिक संबंध है। लेकिन, बिहार की राजनीति में चेतन की भूमिका क्या होगी, इसकी चिंता नहीं करते। वे युवा हैं और अपना काम मजबूती से कर रहे हैं।

Avinash Roy

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