बिहार के बेगूसराय जिले से हैरान कर देने वाला एक मामला सामने आया है, जहां चोरी के आरोप में पकड़े गए एक युवक ने बचने के लिए ऐसा कदम उठाया कि मौके पर मौजूद लोग भी दंग रह गए। युवक ने कथित तौर पर सोने की बाली निगल ली, लेकिन वह उसके गले में ही जाकर फंस गई।
बेगूसराय से एक बेहद अजीबोगरीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ इंसानी व्यवहार पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक शातिर चोर ने छिनतई के बाद पकड़े जाने पर सबूत मिटाने के लिए ऐसा कदम उठाया, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। आरोपी ने सोने की बाली को निगल लिया, लेकिन वह उसके गले में ही फंस गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना नगर थाना क्षेत्र के बस स्टैंड के पास की बताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला शांति देवी टेंपो पकड़ने के लिए बस स्टैंड पहुंची थीं। इसी दौरान एक युवक ने उनके कान से सोने की बाली झपट ली और मौके से फरार होने की कोशिश की। महिला के शोर मचाते ही आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी का पीछा किया और कुछ ही दूरी पर उसे दबोच लिया।
पकड़े जाने के बाद गुस्साई भीड़ ने आरोपी की जमकर पिटाई कर दी। इसी बीच खुद को बचाने और चोरी का सबूत खत्म करने के प्रयास में आरोपी ने चौंकाने वाला कदम उठाते हुए सोने की बाली को मुंह में डालकर निगल लिया। लेकिन यह चाल उसी पर भारी पड़ गई। बाली उसके गले में ही फंस गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ने लगी और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौजूद लोगों ने कई बार उसे पानी पिलाकर या अन्य तरीके से बाली निकलवाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इस दौरान आरोपी को सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए आरोपी को भीड़ से छुड़ाया। इसके बाद उसे तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने प्राथमिक जांच के बाद आरोपी का एक्स-रे (X-ray) कराया, जिसमें साफ तौर पर उसके गले में सोने की बाली फंसी हुई दिखाई दी।
पुलिस ने आरोपी की पहचान लोहिया नगर थाना क्षेत्र के बाघा वार्ड संख्या 24 निवासी अनिल सोनी के रूप में की है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह अकेले इस वारदात को अंजाम दे रहा था या उसके साथ कोई अन्य साथी भी शामिल था।
वहीं, डॉक्टरों की टीम सावधानीपूर्वक मेडिकल प्रक्रिया के जरिए बाली को निकालने में जुटी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, गले में फंसी धातु की वस्तु को निकालना संवेदनशील प्रक्रिया होती है और इसमें विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है, ताकि मरीज को किसी तरह का स्थायी नुकसान न पहुंचे।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल गर्म है। लोग इसे ‘अनोखा कांड’ बताते हुए तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर कब तक आरोपी के गले से बाली निकाली जाएगी।
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