बिहार: सर्विस कंफर्मेशन के नाम पर 70 हजार की घूस मांगी, SDO के स्टोनो और क्लर्क को निगरानी ने दबोचा

भागलपुर के अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय के क्लर्क और स्टेनो को निगरानी ने सोमवार को कार्यालय से गिरफ्तार किया। आरोपित कर्मियों पर आरोप है कि नाथनगर में पदस्थ मार्केटिंग ऑफिसर (एमओ) अभिजीत कुमार से सेवा संपुष्टि के आवेदन पर दस्तखत करने के नाम पर 70 हजार रुपए की मांग की गई थी। पीड़ित मार्केटिंग ऑफिसर ने इसकी शिकायत पटना स्थित निगरानी शाखा में कर दी। शिकायत की जांच सही पाए जाने पर दोनों कर्मियों को ट्रैप किया गया और 70 हजार रुपए नकद लेते हुए मयंक कुमार को गिरफ्तार किया गया।
सेवा संपुष्टि के लिए मांगी 70 हजार की घूस
दरअसल नाथनगर आपूर्ति कार्यालय में पदस्थापित अभिजीत कुमार से उनकी सेवा संपुष्टि (सर्विस कंफर्मेशन) के एवज में सत्तर हजार रुपए की मांग की गई थी। कई बार अनुरोध करने के बावजूद लिपिक मयंक कुमार और स्टेनो प्रेम कुमार बिना पैसे काम करने को तैयार नहीं हुए, जिसके बाद पीड़ित ने पटना स्थित निगरानी विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

स्टोनो और क्लर्क गिरफ्तार
शिकायत के सत्यापन के बाद निगरानी ने जाल बिछाया। पटना से डीएसपी विद्यांचल प्रसाद के नेतृत्व में 9 सदस्यीय विशेष टीम भागलपुर पहुंची। जैसे ही अभिजीत कुमार रिश्वत की राशि लेकर SDM कार्यालय पहुंचे, स्टेनो प्रेम कुमार ने उन्हें पैसे लिपिक मयंक कुमार को देने का इशारा किया। पैसे का लेनदेन होते ही सादे लिबास में तैनात निगरानी टीम ने दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

निगरानी न्यायालय में होगी पेशी
गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम ने कागजी कार्रवाई पूरी कर मयंक कुमार और प्रेम कुमार को हिरासत में लेकर पटना चली गई। उन्हें पटना स्थित निगरानी न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मयंक ने निगरानी को बताया कि उन्हें स्टेनो प्रेम कुमार ने पैसे रखने के लिए दिया था। किस उद्देश्य से प्रेम कुमार ने एमओ से पैसे लिए थे, वे नहीं बता सकते। दोनों कर्मियों की गिरफ्तारी के बाद निगरानी के डीएसपी ने एसडीओ के चैंबर में जाकर सारे मामले की जानकारी दी और गिरफ्तार कर्मियों को निगरानी थाना ले जाने की मंजूरी ली। डीएसपी ने एसडीओ को बताया कि वे पुनः आरोपितों को भागलपुर स्थित निगरानी अदालत में पेश करने के लिए लेकर आयेंगे। इसके बाद गिरफ्तारी की लिखित जानकारी दी जाएगी। इससे पहले निगरानी ने मुजफ्फरपुर के डीएओ और एक दारोगा को घूस लेते दबोचा था। एसआई ने एक केस में मदद के नाम पर पीड़ित से घूस मांगी थी।



