सम्राट चौधरी बोले- सबकी फाइल है, एक-एक का इलाज करूंगा; भाई वीरेंद्र बोले- गिरफ्तार कर लो

बिहार विधान परिषद के बजट सत्र के दौरान गृह मंत्री सम्राट चौधरी के बयान से सियासी खलबली मच गई। उन्होंने विपक्ष के सदस्यों को चेतावनी देते हुए कहा कि उनके पास सभी की फाइल है। कौन क्या करता है इसका रिकॉर्ड उनके पास है। वह एक-एक आदमी का इलाज करेंगे। इस पर लालू एवं तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने पलटवार किया है। आरजेडी के विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि अगर गृह मंत्री को गिरफ्तार करना है तो कर लें, हम किसी से डरने वाले नहीं हैं।
भाई वीरेंद्र ने मंगलवार को विधानमंडल परिसर में मीडिया से बातचीत में सम्राट के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, “वह गृह मंत्री हैं तो निश्चित रूप से सभी विधायकों की फाइल उनके पास है। हमारे (RJD के) 25 और महागठबंधन के 35 विधायक हैं। अगर आपको (सम्राट को) लगता है कि किसी को गिरफ्तार करना है तो कर लीजिए। अच्छा रहेगा। हम कानून का पालन करते हैं। अगर हमें यही बात कहकर डराना चाहते हैं, तो आरजेडी के विधायक डरने वाले नहीं हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में कानून का राज खत्म हो गया है। आजकल यह देखकर कानून बनाया जा रहा है कि किसको शिकंजे में लेना है और किसको बचाना है। भाई वीरेंद्र ने स्पष्ट किया कि विपक्ष का कोई नेता डरने वाला नहीं है, सभी कानून का सम्मान करते हैं। जो कानून तोड़ेगा वो जेल जाएगा।

सम्राट चौधरी ने क्या कहा था?
दरअसल, गृह मंत्री ने सोमवार को विधान परिषद में अपने संबोधन के दौरान चेतावनी भरे लहजे में विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “टारगेट आजकल सम्राट चौधरी हो गए हैं। कोई गलतफहमी में मत रहिए। सबका इलाज करूंगा, एक-एक आदमी का इलाज करूंगा, किसी को छोड़ नहीं सकता हूं। एक-एक आदमी का रिकॉर्ड है, मेरे पास सबकी फाइल है। कौन क्या कर रहा है, किसने कैसे क्या काम किया, सब रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुझे यह काम दिया है। शासन का काम है कि उचित समय पर उचित कार्रवाई की जाए।”

विपक्ष पर इशारे में तंज करते हुए सम्राट ने कहा इनके नेता (लालू यादव) जनता पार्टी के समय जनसंघ के सहयोग से ही पहली बार सदन में पहुंचे थे। जब मंत्री और मुख्यमंत्री बने तो सबसे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यालय में समर्थन लेने पहुंचे। ये लोग बोलते हैं कि कभी भारतीय जनता पार्टी के सामने नहीं जाते, झुकेंगे हीं। यही लोग सबसे पहले झुके थे और आशीर्वाद लिया था।



