रामविलास पासवान पर टिप्पणी को लेकर बिहार विधानसभा में बवाल, विपक्ष से माफी की मांग

बिहार की सियासत में इन दिनों पारा चढ़ा हुआ है, जहाँ विधानसभा का हर सत्र किसी अखाड़े से कम नहीं। सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही गरमागरम बहस का दौर शुरू हो गया, जब एक विधायक ने दिवंगत नेता के सम्मान में माफी की मांग कर दी।
सोमवार को बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही राजनीतिक गहमागहमी अपने चरम पर पहुंच गई। शुरुआती मिनटों में ही लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक राजू तिवारी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के खिलाफ कथित तौर पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विपक्ष से सार्वजनिक माफी की मांग की। तिवारी के इस बयान के बाद सदन में जबरदस्त सियासी घमासान देखने को मिला, जिससे कार्यवाही बाधित हुई। यह घटना बिहार की राजनीति में एक नए विवाद को जन्म दे रही है।

विपक्ष पर राजू तिवारी का तीखा हमला और माफी की मांग
विधायक राजू तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि विपक्ष रामविलास पासवान जैसे कद्दावर नेता के सम्मान में की गई टिप्पणी पर माफी नहीं मांगता है, तो लोजपा (रामविलास) सदन की कार्यवाही नहीं चलने देगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि रामविलास पासवान ने अपना पूरा जीवन समाज के वंचित और दलित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया था। ऐसे में उनके खिलाफ किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी असहनीय है और इसके लिए विपक्ष को सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना करनी चाहिए। इस मांग के बाद सदन का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।

राजू तिवारी की इस मांग ने सदन में एक बार फिर दिवंगत नेता रामविलास पासवान के राजनीतिक कद और सम्मान पर केंद्रित बहस छेड़ दी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विपक्ष अपनी गलती स्वीकार नहीं करता है, तो पार्टी सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन के लिए बाध्य होगी। इस घटना ने सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।




