Bihar

पप्पू यादव को बेल या जेल? आज कोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई

पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की जमानत याचिका पर आज सुनवाई होनी है। फिलहाल वे पटना के बेऊर जेल में बंद हैं और उनकी गिरफ्तारी के बाद बिहार से लेकर दिल्ली तक सियासी हलचल तेज हो गई है। बेऊर ले जाने से पहले उनका पीएमसीएच में मेडिकल चेकअप हुआ, जहां अधीक्षक ने उन्हें फिट बताया, लेकिन एंबुलेंस में लेटे हुए उनका जेल जाना कई सवाल छोड़ गया।

जेल के अंदर सांसद, बाहर राजनीति का तूफान

पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद समर्थकों और विपक्षी दलों का गुस्सा सड़कों पर दिखा। पटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘पप्पू यादव को रिहा करो’ के पोस्टर के साथ सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पोस्टर जलाकर विरोध जताया। प्रदर्शन ने देखते ही देखते राजनीतिक रंग ले लिया।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी पप्पू यादव के समर्थन और NEET छात्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ। पीड़िता की मां और परिजन भी वहां पहुंचे, जिससे माहौल भावुक हो गया। सैकड़ों की संख्या में जुटे लोगों ने सरकार और प्रशासन पर सवाल खड़े किए और कहा कि सच बोलने वालों की आवाज दबाई जा रही है।

तेजस्वी की एंट्री, सरकार पर तानाशाही का आरोप

इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी खुलकर सामने आए। उन्होंने कहा कि आजकल तानाशाही चल रही है, दोषियों को बचाया जा रहा है और निर्दोषों को फंसाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि NEET छात्रा का मामला विधानसभा में लगातार उठाया जा रहा है और न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।

केंद्र और राज्य सरकार का पलटवार

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि देश में कानून का राज है और जो भी कानून तोड़ेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने इसे प्रतिशोध की राजनीति मानने से इनकार किया। वहीं उपमुख्यमंत्री ने भी साफ कहा कि सरकार न किसी को फंसाती है और न ही किसी को बचाती है, हर कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत हो रही है।

NEET छात्रा मामला बना सियासी विस्फोट

पप्पू यादव लगातार NEET छात्रा मामले को लेकर सरकार और प्रशासन को घेर रहे थे। उन्होंने अस्पताल से जुड़े लोगों के कथित ऑडियो क्लिप भी जारी किए थे और इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए थे। पहले बिहार, फिर संसद और अब राष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाकर वे सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे थे।

31 साल पुराना केस और अचानक गिरफ्तारी

जानकारी के मुताबिक, पप्पू यादव दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही शुक्रवार देर रात उन्हें 31 साल पुराने केस में गिरफ्तार कर लिया गया। अब जमानत सुनवाई के साथ बड़ा सवाल यही है, यह महज कानूनी कार्रवाई है या इसके पीछे कोई सियासी संदेश भी छिपा है?

Avinash Roy

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