85 मिनट के बजट भाषण में एक बार भी बिहार का जिक्र नहीं, निर्मला सीतारमण ने सिर्फ दो बार लिया पटना का नाम

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया. पूरे 85 मिनट के बजट भाषण में “बिहार” शब्द का एक बार भी जिक्र नहीं हुआ. वित्त मंत्री ने “पटना” का नाम दो बार लिया. यह बात इसलिए अहम है, क्योंकि पिछले साल यानी 2025-26 के बजट में बिहार का नाम 8 बार लिया गया था. तब राज्य को कई बड़ी सौगातें भी मिली थीं.
हालांकि, बजट में लिए गए कई फैसलों का फायदा बिहार को मिलेगा. इस बार इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इससे मध्यम वर्ग को न राहत मिली, न बोझ बढ़ा. वहीं कैंसर समेत 7 गंभीर बीमारियों की दवाइयों को सस्ता किया गया है. इससे बिहार के मरीजों और उनके परिवारों को सीधा फायदा होगा.


देश में 20 नए वाटरवेज बनाए जाएंगे
बजट में बुनियादी ढांचे पर खास जोर दिया गया है. वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि अगले 5 साल में देश में 20 नए वाटरवेज बनाए जाएंगे. नेशनल वाटरवे ओडिशा में बनेगा. इससे खनिज क्षेत्रों को बंदरगाह से जोड़ा जाएगा.

वाराणसी और पटना में खोले जाएंगे शिप रिपेयर सेंटर
इसी के साथ शिप रिपेयर इकोसिस्टम तैयार करने की घोषणा की गई है. इसके लिए वाराणसी और पटना में विशेष सेंटर खोले जाएंगे. यह फैसला बिहार के लिए अहम माना जा रहा है. इससे पटना में रोजगार के नए अवसर बन सकते हैं.

हाईस्पीड रेल कॉरिडोर से बिहार को होगा फायदा
रेल कनेक्टिविटी को लेकर भी बड़ा ऐलान हुआ है. वाराणसी से सिलीगुड़ी तक हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनेगा. इस रूट में बक्सर, आरा, पटना, कटिहार और किशनगंज शामिल होंगे. इससे उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार दोनों को फायदा मिलेगा.

बिहार के 8 शहरों को अतिरिक्त फंड
शहरी विकास के लिए भी बिहार को जगह मिली है. 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले बिहार के 8 शहरों को अतिरिक्त फंड दिया जाएगा. इसमें पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, दरभंगा, बेगूसराय, नालंदा, पूर्णिया और गया शामिल हैं. इससे सड़कों, जल निकासी और अन्य सुविधाओं में सुधार होगा.

2025-26 में बिहार को कई बड़ी सौगातें
पिछले बजट यानी 2025-26 में बिहार को कई बड़ी सौगातें मिली थीं. केंद्रीय करों में 1.43 लाख करोड़ रुपए की हिस्सेदारी दी गई थी. 15 हजार करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त लोन, मखाना बोर्ड, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, आईआईटी पटना विस्तार, रामायण सर्किट और कोसी नहर परियोजना जैसी घोषणाएं हुई थीं.

