पटना NEET छात्रा मौत मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट से बड़ा खुलासा, अंडरगारमेंट्स में मेल स्पर्म की पुष्टि, थानाध्यक्ष और अवर थानाध्यक्ष निलंबित

राजधानी पटना के चित्रगुप्तनगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में एक NEET की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब और गंभीर हो गया है. फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की बायोलॉजिकल रिपोर्ट ने यौन उत्पीड़न के गंभीर संकेत दिए हैं, जिससे पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है. पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया था.
FSL रिपोर्ट में शुक्राणु के अवशेष मिले:
FSL की रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा के परिजनों द्वारा 10 जनवरी 2026 को सौंपे गए कपड़ों की जांच में महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है. घटना के समय पहने गए अंडरगारमेंट से मानव शुक्राणु के अवशेष बरामद हुए हैं. यह साक्ष्य यौन शोषण की ओर स्पष्ट इशारा करता है. रिपोर्ट पुलिस को सौंपी जा चुकी है और अब डीएनए प्रोफाइल तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है.

डीएनए मिलान से खुलेगी सच्चाई:
एफएसएल सूत्रों के मुताबिक, बरामद सैंपलों से डीएनए प्रोफाइल तैयार होने के बाद इसे गिरफ्तार अभियुक्तों तथा SIT द्वारा चिन्हित अन्य संदिग्धों के डीएनए से मिलान किया जाएगा. पुलिस को उम्मीद है कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद मामले की पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी और दोषियों को सजा दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी. जांच एजेंसी हर संभावित कोण से मामले की छानबीन कर रही है.

SIT की जांच में 45-50 लोगों से पूछताछ:
मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना पुलिस ने SIT का गठन किया है. SIT ने अब तक 45 से 50 लोगों से पूछताछ की है, जिसमें हॉस्टल स्टाफ, पड़ोसी और अन्य संबंधित शामिल हैं. जांच लगातार जारी है और पुलिस हर पहलू पर गहनता से काम कर रही है. हालांकि, AIIMS की अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है, जिसका इंतजार सभी पक्ष कर रहे हैं.

दो थानाध्यक्ष निलंबित:
जांच के दौरान पुलिसिया लापरवाही भी उजागर हुई है. कदमकुआं के अपर थानाध्यक्ष हेमंत झा और चित्रगुप्तनगर थानाध्यक्ष रोशनी कुमारी पर आसूचना संकलन तथा समय पर कार्रवाई न करने का आरोप लगा. इसे गंभीरता से लेते हुए दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई विभागीय अनुशासन बनाए रखने के लिए की गई है.

परिजनों की न्याय की मांग:
छात्रा के परिजन पूर्ण न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं और मामले को साजिश बताते हुए गहन जांच की अपील कर रहे हैं. यह मामला पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन गया है, जहां छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं. पटना पुलिस का दावा है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और डीएनए जांच के आधार पर जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी.

डीएनए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर निगाहें:
फिलहाल, चित्रगुप्तनगर थाना कांड संख्या 14/26 के इस मामले में सभी की नजरें FSL की डीएनए रिपोर्ट और AIIMS की अंतिम मेडिकल रिपोर्ट पर टिकी हैं. ये रिपोर्टें जांच की दिशा तय करेंगी और दोषियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं. पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले को पूरी निष्पक्षता से सुलझाया जाएगा.

