SIMI VALLEY, CALIF. - OCTOBER 19 , 2011: Nowell Siegel, a flight test pilot, helps guide the Qube in Simi Valley on October 19, 2011. The Qube is a drone manufactured by AeroVironment. He uses a hand controller which controls function, path of the vehicle, altitude and where the camera is looking. AeroVironment is looking to the commercial market. (Gary Friedman/Los Angeles Times)
बिहार पुलिस अब आधुनिक तकनीक के सहारे कानून-व्यवस्था और यातायात नियंत्रण को और सख्त बनाने की तैयारी में है। राज्य में पहली बार बिहार पुलिस की अलग ड्रोन यूनिट गठित की जाएगी, जो न सिर्फ भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेगी, बल्कि ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर भी कार्रवाई करेगी। ड्रोन के जरिए यातायात उल्लंघन करने वालों का चालान काटा जाएगा।
50 ड्रोन की होगी खरीद, मार्च तक शुरुआत की संभावना
पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में एडीजी आधुनिकीकरण सुधांशु कुमार ने बताया कि ड्रोन यूनिट के लिए कुल 50 ड्रोन खरीदे जाएंगे। इनमें से 40 ड्रोन राज्य के 40 पुलिस जिलों को दिए जाएंगे, ताकि जिला स्तर पर कानून-व्यवस्था की निगरानी और यातायात प्रबंधन को मजबूत किया जा सके।
शेष 10 ड्रोन विशेष कार्यों के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मार्च महीने तक ड्रोन यूनिट के सक्रिय होने की संभावना है।
यातायात निगरानी में ड्रोन निभाएंगे अहम भूमिका
एडीजी ने कहा कि ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर अब सड़कों पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।बिना हेलमेट, गलत लेन में वाहन चलाने, सिग्नल तोड़ने और जाम की स्थिति पैदा करने वाले चालकों की पहचान ड्रोन कैमरों से की जाएगी। इसके बाद संबंधित वाहन मालिकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाएगी।
भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था पर पैनी नजर
ड्रोन यूनिट की मदद से बड़े आयोजनों, त्योहारों और संवेदनशील इलाकों में भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में काफी सहूलियत मिलेगी। ऊंचाई से पूरे इलाके की लाइव मॉनिटरिंग की जा सकेगी, जिससे पुलिस को त्वरित निर्णय लेने और जरूरत पड़ने पर तुरंत बल भेजने में मदद मिलेगी।
दियारा और दुर्गम क्षेत्रों में अपराधियों पर नजर
एसटीएफ को दिए जाने वाले ड्रोन का उपयोग खास तौर पर दियारा और दुर्गम इलाकों में सक्रिय संगठित अपराधियों पर नजर रखने के लिए किया जाएगा। एडीजी ने बताया कि ऐसे क्षेत्रों में पुलिस की पहुंच सीमित होती है, लेकिन ड्रोन के जरिए अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी संभव हो सकेगी।
पुलिसिंग में तकनीक का बढ़ेगा इस्तेमाल
ड्रोन यूनिट के गठन से बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली और अधिक तकनीक आधारित होगी। इससे अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और आम लोगों की सुरक्षा को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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