बिहार में सुरक्षा व्यवस्था की अहम कड़ी माने जाने वाले होमगार्ड जवानों के लिए राहत और भरोसे की खबर सामने आई है। राज्य सरकार जल्द ही होमगार्ड जवानों को भी बिहार पुलिस की तर्ज पर बीमा योजना का लाभ देने की तैयारी कर रही है। इस दिशा में गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय स्तर पर मंथन शुरू हो चुका है और संकेत दिए गए हैं कि अंतिम निर्णय बहुत जल्द लिया जाएगा। अगर यह योजना लागू होती है, तो यह होमगार्ड जवानों और उनके परिवारों के लिए बड़ी सामाजिक सुरक्षा साबित होगी।
उपमुख्यमंत्री सह गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने इस संबंध में स्पष्ट किया कि होमगार्ड जवान भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आपदा प्रबंधन, चुनाव ड्यूटी, भीड़ नियंत्रण और अन्य जोखिम भरे कार्यों में पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करते हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि सेवा के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी होने पर उनके परिजनों को भी आर्थिक सुरक्षा मिल सके। इसी सोच के तहत सरकार होमगार्ड जवानों को बीमा योजना के दायरे में लाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने यह घोषणा पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की। इस मौके पर उन्होंने सेवा के दौरान शहीद हुए 36 पुलिसकर्मियों के परिजनों को बीमा मद से लगभग 25 करोड़ रुपये के चेक भी वितरित किए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसी भी सुरक्षा कर्मी का परिवार कठिन समय में खुद को असहाय न महसूस करे। पुलिस हो या होमगार्ड, सभी सुरक्षा बल राज्य की सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित योजना के तहत होमगार्ड जवानों को भी उसी तरह का बीमा कवर देने की तैयारी है, जैसा फिलहाल बिहार पुलिस को मिलता है। इसमें ड्यूटी के दौरान मृत्यु, गंभीर दुर्घटना या स्थायी अपंगता की स्थिति में परिजनों को एकमुश्त आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान होगा। हालांकि बीमा राशि और शर्तों को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन संकेत हैं कि इसे पुलिस के बीमा कवर के समकक्ष रखा जाएगा, ताकि किसी तरह का भेदभाव न हो।
बिहार में बड़ी संख्या में होमगार्ड जवान तैनात हैं, जो रोजमर्रा की ड्यूटी के साथ-साथ विशेष परिस्थितियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। चुनाव के दौरान बूथ सुरक्षा, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में राहत-बचाव कार्य, त्योहारों और बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था—इन सभी जिम्मेदारियों में होमगार्ड जवान अपनी सेवाएं देते हैं। बावजूद इसके, अब तक उन्हें पुलिस जैसी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पाता था। ऐसे में सरकार का यह कदम लंबे समय से उठ रही मांग को पूरा करने वाला माना जा रहा है।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से होमगार्ड जवानों का मनोबल बढ़ेगा और वे और अधिक समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे। सुरक्षा बलों के मनोबल का सीधा असर कानून-व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की गुणवत्ता पर पड़ता है। जब जवानों को यह भरोसा होता है कि सरकार उनके और उनके परिवार के साथ खड़ी है, तो वे निडर होकर अपना कर्तव्य निभाते हैं।
फिलहाल गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय स्तर पर योजना के प्रारूप को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसमें बीमा कंपनियों से बातचीत, वित्तीय प्रावधान और नियमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जल्द ही इस योजना की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी और इसे लागू कर दिया जाएगा।
कुल मिलाकर, होमगार्ड जवानों को पुलिस की तरह बीमा कवर देने का प्रस्ताव राज्य में सुरक्षा बलों के कल्याण की दिशा में एक अहम और सकारात्मक पहल माना जा रहा है। इससे न सिर्फ होमगार्ड जवानों को सम्मान और सुरक्षा का एहसास मिलेगा, बल्कि उनके परिवारों को भी भविष्य को लेकर भरोसा और स्थिरता मिलेगी।
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