बिहार: अवैध उगाही करते हुए फर्जी पुलिसकर्मी गिरफ्तार, शादी और दहेज के लिये रची थी ये साजिश

दरभंगा पुलिस ने एक फर्जी पुलिसकर्मी को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान पुलिस की वर्दी, डंडा नकली आईडी कार्ड और मोबाइल फोन बरामद हुआ है। तीन-चार महीनों से पुलिस की वर्दी पहनकर शहर के विभिन्न हिस्सों में वाहन जांच और वसूली का काम कर रहा था।
बेंता थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि एक युवक फर्जी पुलिसकर्मी बनकर लोगों से अवैध वसूली कर रहा है। इस पर पुलिस टीम ने लगातार कई हफ्तों तक उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। शनिवार को थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एसआई सौरभ, सावो पासवान, कुंदन कुमार की टीम ने उसे बेंता चौक से दबोच लिया। गिरफ्तार युवक की पहचान मधुबनी जिले के कुवाढ गांव निवासी अजय कुमार यादव के पुत्र ऋषि कुमार यादव के तौर पर हुई है।

वाहन जांच के नाम पर उगाही करता था
थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार के मुताबिक पूछताछ में ऋषि ने स्वीकार किया है कि उसने पूर्व में सिपाही भर्ती परीक्षा दी थी, लेकिन असफल रहा। इसके बाद उसने पुलिस की वर्दी खरीद ली और खुद को पुलिसकर्मी बताने लगा। दरभंगा शहर के अलग-अलग इलाकों में जाकर वाहन जांच के नाम पर पैसों की उगाही करता था।

उसने अपने परिवार को यह विश्वास दिलाया था कि वह पुलिस में नौकरी पर लग गया है और दरभंगा में तैनात है। उसने यह भी कबूल किया कि शादी के लिए अच्छे परिवार और दहेज पाने की उम्मीद में वह पुलिस की वर्दी पहनता था। फिलहाल आरोपी लहेरियासराय थाने में पुलिस की हिरासत में है। उसके खिलाफ फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।

जानकारी के अनुसार, यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी दरभंगा में फर्जी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। तत्कालीन ट्रैफिक थानाध्यक्ष कुमार गौरव ने मिर्जापुर चौक के निकट एक फर्जी ट्रैफिक दारोगा को पकड़ा था, जबकि तत्कालीन एसपी (वर्तमान में एडीजी विधि-व्यवस्था) पंकज दराद के कार्यकाल में पुलिस ने नकली एसपी को गिरफ्तार किया था। इसी तरह तत्कालीन एसएसपी सत्यवीर सिंह ने पतोर निवासी नकली आईपीएस अधिकारी को भी धर दबोचा था।




