महागठबंधन में डैमेज कंट्रोल की कवायद तेज, अशोक गहलोत ने की लालू और तेजस्वी से मुलाकात; कल संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी होते-होते महागठबंधन के अंदर सीटों को लेकर खींचतान तेज हो गई. आखिरी समय तक कांग्रेस और आरजेडी के बीच सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बन पाई, जिसके चलते करीब दर्जनभर सीटों पर दोनों दलों के उम्मीदवार आमने-सामने आ गए हैं. इस असमंजस को खत्म करने के लिए कांग्रेस ने डैमेज कंट्रोल की कवायद शुरू कर दी है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिहार प्रभारी पर्यवेक्षक अशोक गहलोत शनिवार को पटना पहुंचे. उन्होंने पहले आरजेडी नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात की. दोनों के बीच करीब एक घंटे तक बैठक चली, जिसमें सीट विवाद, प्रचार रणनीति और आगे की साझा गतिविधियों पर चर्चा हुई. इसके बाद गहलोत, तेजस्वी यादव के साथ आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मिलने पहुंचे. लालू-तेजस्वी और गहलोत की यह मुलाकात लगभग आधे घंटे चली.

बैठक के बाद बाहर निकलते हुए अशोक गहलोत ने कहा, “महागठबंधन में कोई झगड़ा नहीं है. सब मिलकर चुनाव लड़ेंगे और जीतकर आएंगे. कुछ सीटों पर स्थानीय समीकरणों की वजह से हल्की-फुल्की दिक्कत है, जिसे सुलझा लिया जाएगा. 4 से 5 सीटों पर फ्रेंडली फाइट संभव है, लेकिन यह कोई बड़ी बात नहीं है.”

अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर कहा, “आज AICC बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु के साथ लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से बहुत सकारात्मक बातचीत हुई. बिहार में INDIA गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और मजबूती से चुनाव लड़ रहा है. कल होने वाली महागठबंधन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सारी बातें साफ कर दी जाएंगी.”

उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि “महागठबंधन में फूट डालने और भ्रम फैलाने के लिए भाजपा ने प्रायोजित कैंपेन चलाया है. मीडिया में ऐसा माहौल बनाया गया मानो महागठबंधन टूटने की कगार पर है, जबकि हकीकत में ऐसा कुछ नहीं है.”

अशोक गहलोत ने आगे कहा कि बिहार में 243 विधानसभा सीटों में से केवल 5 से 7 सीटों पर स्थानीय परिस्थितियों के कारण फ्रेंडली फाइट की स्थिति बनी है. उन्होंने कहा, “यह बहुत ही छोटी संख्या है, लेकिन इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है. असलियत यह है कि सभी दल एकजुट हैं और जनता में बीजेपी के खिलाफ मजबूत माहौल है.”

गहलोत ने अपने बयान में कहा कि बिहार की जनता अब बदलाव चाहती है. उन्होंने दावा किया कि INDIA गठबंधन प्रदेश और देश के हित में काम करेगा. कांग्रेस और आरजेडी दोनों पार्टियां एक साझा प्रचार अभियान चलाने की तैयारी में हैं ताकि जनता के बीच एकजुटता का संदेश दिया जा सके.


