ईवीएम पर अब उम्मीदवारों के नाम और चुनाव चिह्न के साथ उनके कलर फोटो भी होंगे। बिहार विधानसभा चुनाव से इसकी शुरुआत होने जा रही है। चुनाव आयोग ने बुधवार को यह जानकारी दी। आयोग का कहना है कि हमनाम वाले उम्मीदवारों की वजह से अक्सर मतदाताओं को कंफ्यूजन होती है। इसके समाधान के लिए अब ईवीएम पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार की रंगीन तस्वीर भी लगाई जाएगी, ताकि मतदाता अपने पसंदीदा कैंडिडेट की सही से पहचान कर उसे वोट कर सकेंगे। बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा अगले महीने (अक्टूबर) में किसी भी समय की जा सकती है।
भारत निर्वाचन आयोग ने बुधवार को प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि ईवीएम बैलेट पेपर पर अब प्रत्याशियों के कलर फोटो छापे जाएंगे। इससे उनकी पहचान और अधिक स्पष्ट हो सकेगी। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों का चेहरा पोटो स्पेस के तीन-चौथाई हिस्से में होगा, ताकि उनकी शक्ल बेहतर तरीके से दिखाई दे।
इसके अलावा सभी कैंडिडेट और नोटा (NOTA) के क्रमांक को भी ईवीएम पर गहरे फॉन्ट में छापा जाएगा। इसका फॉन्ट साइज 30 होगा। साथ ही सभी उम्मीदवारों के नाम और नोटा को एक ही फॉन्ट और फॉन्ट साइज में प्रिंट किया जाएगा। ताकि मतदाताओं को उन्हें पढ़ने में आसानी हो।
ईवीएम बैलेट पेपर के वजन का मानक भी चुनाव आयोग ने तय किया है। ये पेपर 70 जीएसएम के होंगे। विधानसभा चुनावों के लिए गुलाबी रंग के खास पेपर का इस्तेमाल किया जाएगा। चुनाव आयोग इन सभी बदलावों की शुरुआत आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से करने जा रहा है। इसके बाद सभी चुनावों में यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
हमनाम उम्मीदवारों में नहीं होगी कंफ्यूजन
दरअसल, चुनावों में अक्सर देखा जाता कि एक ही नाम के एक से ज्यादा उम्मीदवार खड़े हो जाते हैं। इससे मतदाताओं में कंफ्यूजन पैदा हो जाती है। कई बार वोटर गलती से हमनाम वाले किसी दूसरे प्रत्याशी को वोट दे आता है। इस समस्या से निपटने के लिए चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों के कलर फोटो ईवीएम पर छापने का फैसला लिया है। ताकि मतदाता अपने प्रत्याशी का नाम और चुनाव चिह्न के साथ ही उसके चेहरे को देखकर सही तरीके से वोट कर सकें।
बिहार में अगले महीने विधानसभा चुनाव की घोषणा संभव है। राज्य की सभी 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। चुनाव आयोग की ओर से वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) कराए जाने के बाद फाइनल सूची तैयार की जा रही है। 30 सितंबर को इसका प्रकाशन होने के बाद किसी भी समय चुनाव की तारीखें घोषित हो जाएंगी। बिहार के बाद 2026 में पश्चिम बंगाल, असम, केरल, पुदुचेरी और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव संभावित हैं।
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