Bihar

बिहार: विधानसभा चुनाव लड़ने वालों को खोलना होगा नया बैंक खाता, EC ने जारी किए निर्देश

विधानसभा चुनाव लड़ने वालों को खर्च में पारदर्शिता बरतनी होगी। चुनाव आयोग ने सोमवार को पत्र लिखकर बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिया है। आयोग ने पत्र में कहा है कि चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशियों को अनिवार्य रूप से नया बैंक खाता को खोलना होगा।

इसके उपरांत मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलाधिकारियों को भेजे निर्देश में कहा है सभी प्रत्याशी नामांकन के एक दिन पहले अपना बैंक में चुनावी खर्च का खाता खोले। जिलाधिकारियों को इसे सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है जिससे हर प्रत्याशी का प्रति दिन के चुनावी खर्च दर्ज हो।विधानसभा चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशियों का पृथक चेकबुक रखना होगा।

निर्वाचन विभाग के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रशांत कुमार सीएच की ओर से जिलाधिकारियों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि वे सभी बैंको को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करें कि वे प्रत्याशियों के लिए अलग बैंक खाता एवं चेकबुक जारी करें।

प्रत्याशियों को यह दायित्व होगा कि वे अलग बैंक खाता की लिखित जानकारी रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) को देंगे। यह बैंक खाता या तो प्रत्याशी के नाम पर या प्रत्याशी एवं इलेक्शन एजेंट का संयुक्त खाता हो सकता है। संयुक्त खाता परिवार के सदस्यों का नहीं होगा। यह खाता राज्य के किसी भी स्थान और किसी भी बैंक का हो सकता है। प्रत्याशी सभी अपने चुनावी खर्च को इसी के माध्यम से करेंगे।

चुनाव में बैंकों को कैश परिवहन में रखना होगा दस्तावेज

विधानसभा चुनाव को लेकर बैंकों के कैश परिवहन को लेकर भी आयोग ने निर्देश जारी किया है। चुनाव के दौरान बैंकों के नकदी ढोने वाले वाहन में आउटसोर्स एजेंसी द्वारा किसी भी परिस्थिति में किसी तीसरे व्यक्ति या संस्था की नकदी नहीं रखा जाएगा। ऐसा करने पर जांच के दौरान उस राशि को जब्त कर लिया जाएगा।

नकदी ढोने वाले बैंकों के वाहन के साथ बैंक द्वारा जारी दस्तावेज भी साथ में रखना अनिवार्य होगा। इस दस्तावेज में नकदी कहां से कहां ले जाना है। इसकी की विस्तृत जानकारी का दस्तावेज रखना अनिवार्य होगा।

कई बार बैंक से एटीएम या करेंसी चेस्ट तक नकद राशि का परिवहन किया जाता है। बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पालन करने का निर्देश दिया है।

क्यों जरूरी है खाता खोलना?

  • चुनाव खर्च की पारदर्शिता – नामांकन पत्र भरने के बाद होने वाले सभी खर्च इसी खाते से होने चाहिए।
  • खर्च की निगरानी – निर्वाचन आयोग और व्यय पर्यवेक्षक को खर्च का स्पष्ट हिसाब देना होता है।
  • पुराने धन व लेन-देन से अलगाव – पहले से मौजूद व्यक्तिगत खातों के पुराने बैलेंस या लेन-देन को चुनावी खर्च में शामिल नहीं किया जा सकता।

मुख्य नियम

  • इस खाते का विवरण (बैंक का नाम, शाखा, खाता संख्या) नामांकन पत्र में या निर्वाचन अधिकारी को अलग से देना होता है।
  • सभी दान, चंदा और चुनावी खर्च केवल इसी खाते से होना चाहिए और संबंधित रसीदें/वाउचर सुरक्षित रखने होते हैं।

Avinash Roy

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