Bihar

बीसीए को सौंपा गया राजगीर का अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, बिहार में बड़े मैचों का रास्ता साफ

बिहार सरकार ने राजगीर में बने नये अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) के हवाले करने का फैसला लिया है. मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. अब इस स्टेडियम का रख-रखाव और संचालन बीसीसीआई से संबद्ध बीसीए करेगा. फैसले के बाद बिहार में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मैचों का आयोजन संभव हो सकेगा.

अब राजगीर बनेगा बिहार क्रिकेट का नया ठिकाना

बिहार की धरती ने कई क्रिकेट खिलाड़ियों को जन्म दिया लेकिन संसाधन की कमी और बिहार क्रिकेट संघ की अंदुरनी राजनीति ने कई युवा खिलाड़ियों को दूसरे राज्यों से खेलने पर मजबूर किया. चाहें वो महेंद्र सिंह धोनी हो या फिर ईशान किशन हर खिलाड़ी ने बेहतर मौकों के लिए पड़ोसी राज्यों का रुख किया और अंतर्राष्ट्रीय मुकाम हासिल किया. आज की नई पीढ़ी भी बेहतर क्रिकेट के लिए पलायन का रास्ता चुनती है.

लंबे समय से बिहार के क्रिकेटरों और दर्शकों को यह शिकायत रही है कि राज्य में बड़े स्तर के मैच नहीं हो पाते. खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था. लेकिन अब राजगीर का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम इस कमी को पूरा करेगा. अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह स्टेडियम खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग और प्रतियोगिता का मौका देगा.

कैबिनेट का फैसला और खेल के बुनियादी ढांचे में निवेश

मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने जानकारी दी कि स्टेडियम के रख-रखाव और संचालन का जिम्मा अब बीसीए के पास होगा. साथ ही मंत्रिमंडल ने पटना प्रमंडलीय मुख्यालय में खेल अवसंरचनाओं को मजबूत करने के लिए 574 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति दी है. इसके तहत पुनपुन अंचल के डुमरी में 101 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जहां खेल सुविधाओं का विकास होगा. खेल मंत्री और अधिकारियों का कहना है कि इस फैसले से बिहार के खिलाड़ियों को न सिर्फ बेहतर प्रशिक्षण का मौका मिलेगा बल्कि बड़े टूर्नामेंटों में खेलने का आत्मविश्वास भी. अब बिहार के युवा क्रिकेटर अपने राज्य में ही बड़े मैचों का अनुभव हासिल कर पाएंगे.

प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की होगी सीधी बहाली

कैबिनेट ने यह भी फैसला लिया है कि “बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ी सीधी नियुक्ति नियमावली 2023” के तहत खिलाड़ियों को सीधी नियुक्ति दी जाएगी. हर साल किसी भी खेल विधा में 5 पुरुष और 5 महिला खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति होगी. यह नियुक्ति उनकी योग्यता, प्रदर्शन और उपलब्धियों के आधार पर होगी. शर्त यह है कि वे बिहार के मूल निवासी हों. बिहार में अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैच का आयोजन होना न सिर्फ खिलाड़ियों के लिए बल्कि दर्शकों के लिए भी बड़ी सौगात है. क्रिकेट बिहार में बेहद लोकप्रिय खेल है और अब लोगों को अपने राज्य में ही बड़े मैचों का रोमांच देखने का अवसर मिलेगा. इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा क्योंकि राजगीर ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थल है.

Avinash Roy

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