अमित शाह की अध्यक्षता में बिहार बीजेपी की बड़ी बैठक, सीट शेयरिंग और चुनाव की बनेगी रणनीति

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता मेंं बुधवार को नई दिल्ली में बिहार भाजपा की कोर कमेटी की बैठक होनी है। उस बैठक में शाह बिहार में भाजपा की चुनावी रणनीति का ताना-बाना बुनेंगे। सर्वाधिक महत्वपूर्ण चर्चा सीट शेयरिंग से संबंधित है। पार्टी की ओर से कई स्तर की सर्वे रिपोर्ट आ चुकी है।
मजबूत ओर कमजोर क्षेत्रों के साथ अदला-बदली वाली सीटें भी लगभग चिह्नित हो चुकी हैं। अब आगे घटक दलों को इसके लिए सहमत कराने की चुनौती है। बैठक में उसका उपाय ढूंढ़ा जाएगा।

सत्ता विरोधी लहर और निष्क्रिय विधायकों का टिकट काटे जाने के बाद पेश आने वाली चुनौतियों से निपटने की रणनीति बनेगी। उन मुद्दों का आकलन होगा, जिनको लेकर चुनाव में आगे बढ़ा जाएगा।

राहुल गांधी की ”वोटर अधिकार यात्रा” के बाद होने वाली यह बैठक रणनीतिक दृष्टिकोण से अतिशय महत्वपूर्ण है। इस यात्रा से महागठबंधन के अनुकूल या प्रतिकूल में बने माहौल पर चर्चा होनी है। साथ ही यात्रा के दौरान एक मंच से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मां के लिए कहे गए अपशब्दों के प्रतिकार की ऐसी रणनीति बनाई जाएगी, जो एनडीए के लिए चुनावी दृष्टिकोण से लाभप्रद हो।

राहुल सहित महागठबंधन को आरोप मतदाता-सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में अनियमितता का है। एसआईआर की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। ऐसे में बिहार भाजपा के दिग्गजों के साथ शाह एनडीए के लिए इसके फलाफल का आकलन करेंगे।

इस प्रकरण में विपक्ष के आरोपों की धार को कुंद करने के साथ अपने लिए संभावना की राह ढूंढ़ी जाएगी। सितंबर मध्य के बाद विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो सकती है। ऐसे में यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें प्रधानमंत्री और दूसरे नेताओं की रैलियों-जनसभाओं के संदर्भ में भी निर्णय हो सकता है।

इनकी रहेगी उपस्थिति:
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, उपमुख्यमंत्री द्वय सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह एवं केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय आदि बैठक में सम्मिलित होंंगे। इनके साथ बिहार भाजपा के प्रभारी विनोद तावड़े, सह प्रभारी दीपक प्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र नाथ, संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया को भी आमंत्रित किया गया है।


