पिता का नाम -राक्षस, मां-करप्शन; बिहार में आवास प्रमाण पत्र के लिए एक और आवेदन; केस दर्ज

बिहार में अजग-गजब नामों के साथ आवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदनों का सिलसिला नहीं थम रहा है। अब मुजफ्फरपुर में एक आवास प्रमाण पत्र बनवाने का आवेदन आया है जिसमें पिता का नाम राक्षस लिखा गया है। औराई अंचल में पिता राक्षस, माता करप्शन, ग्राम खेतलपुर, पोस्ट शाही मीनापुर, प्रखंड औराई, जिला मुजफ्फरपुर के नाम से 24 जुलाई को आवासीय के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया है। इसको लेकर सीओ गौतम कुमार ने सोमवार को अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
संभवत: माता का नाम करप्शन लिखने की जगह काराफ्टन लिखा गया है। सीओ ने बताया कि आवेदन में आवेदक के फोटो के स्थान पर कार्टून की तस्वीर लगी है। भारत निर्वाचन आयोग के अंतर्गत विशेष ग्रहण पुनरीक्षण अभियान जैसे महत्वपूर्ण काम एवं बिहार सरकार की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से भ्रमित करने का प्रयास किया गया है।

इधर, खेतलपुर पंचायत के राजस्व कर्मचारी राहुल कुमार ने बताया कि आरटीपीएस सर्विस प्लस को धूमिल करने की मंशा से आवेदन किया गया है। थानाध्यक्ष राजा सिंह ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। साइबर थाने की पुलिस के सहयोग से आरोपित को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।

सीएम नीतीश के नाम पर फर्जी आवासीय बनवाने की कोशिश
आपको बता दें कि इससे पहले मुजफ्फरपुर जिले में ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम से फर्जी आवासीय प्रमाणपत्र बनाने के प्रयास का खुलासा हुआ था। इसके पीछे राजनीतिक षड्यंत्र को लेकर पुलिस जांच कर रही है। मामले में सरैया अंचल के राजस्व पदाधिकारी अभिषेक सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री की छवि को धूमिल करने के लिए इस तरह की साजिश रची गई थी, जो सत्यापन के दौरान पकड़ा गया। अब ऑनलाइन आवेदन करने वाले साजिशकर्ता की पुलिस तलाश कर रही है। इससे पहले हाल में ही एक कुत्ते की आवासीय प्रमाण पत्र बनाने का मामला वायरल हुआ था, जिसको लेकर देश स्तर पर बिहार में प्रशासन पर सवाल खड़ा हुआ था। साथ ही आवासीय प्रमाणपत्र के नाम पर चल रहे खेल पर सवाल उठा था।




