नीतीश कुमार हैं तभी पारदर्शी भर्ती हुई; तेजस्वी यादव के सरकारी नौकरी के दावों पर नरेंद्र मोदी की चोट

बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य और दूसरे सरकारी विभागों में सरकारी नौकरियों को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से क्रेडिट वॉर छेड़ रखे राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव के दावों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गयाजी की जनसभा से चोट कर दी है। पीएम मोदी ने नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि वो हैं इसलिए बिहार में शिक्षकों की भर्ती पूरी पारदर्शिता से हो पाई। पीएम मोदी का यह बयान एक तरफ सरकारी बहाली का श्रेय नीतीश को देता है तो दूसरी तरफ ‘पूरी पारदर्शिता’ के जरिए नीतीश के नहीं रहने पर बहाली में गड़बड़ी के खतरों की चेतावनी भी देता है।

पीएम मोदी ने शुक्रवार को गयाजी में एक सरकारी कार्यक्रम में लगभग 12 हजार करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा- “बिहार के युवाओं को पक्की सरकारी नौकरी देने के लिए नीतीश कुमार ने बड़ा अभियान चलाया हुआ है। ये नीतीश जी हैं, तभी यहां शिक्षकों की भर्ती भी पूरी पारदर्शिता से हुई।”
पीएम ने कहा कि बिहार के नौजवानों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में बिहार में ही रोजगार मिले, उन्हें नौकरी के लिए पलायन ना करना पड़े, इसमें केंद्र सरकार की एक नई योजना से भी बहुत बड़ी मदद मिलने वाली है। उन्होंने 15 अगस्त को देश भर में लागू हुई प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का जिक्र करते हुए बताया कि इसके तहत युवा जब निजी क्षेत्र में पहली नौकरी करेंगे तो केंद्र सरकार उन्हें 15 हजार रुपये देगी। जो प्राइवेट कंपनियां युवाओं को रोजगार देगी, उन्हें भी सरकार अलग से पैसे देगी।






