घुसपैठियों के वोट काटे जा रहे तो विरोध क्यों? राहुल-तेजस्वी से नित्यानंद राय ने मांगा जवाब

बिहार में गहन मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) पर जारी सियासी घमासान के बीच केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और उजियारपुर से सांसद नित्यानंद राय ने लोकसभा में नेता विरोधी दल राहुल गांधी और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधा है, और कई सवालों के जवाब भी पूछे हैं।
एक्स पर लिखे पत्र में नित्यानंद राय ने पूछा कि क्या विदेशी घुसपैठियों को, रोहिंग्या बांग्लादेशी को देश के लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल होने का अधिकार है? अगर शामिल होने का अधिकार है तो इसका जवाब दें कि क्यों और किस लिए? SIR के माध्यम से विदेशी घुसपैठियों के वोट को काटा जा रहा है तो इसका विरोध क्यों? बिहार के 13 करोड़ जनता और देश के 140 करोड़ नागरिक इसका जवाब चाहते हैं।

पत्र में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने लिखा कि तेजस्वी यादव जी, नेता प्रतिपक्ष बिहार आपसे विनम्र अनुरोध है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बिहार के लोगों को गुमराह करने की आप कोशिश ना करें। बिहार की जनता आपकी हकीकत को भली भांति जानती भी है और समझती भी है। आप जिस लोकतंत्र की बात करते हैं इसका गवाह बिहार के 13 करोड लोग हैं लालू यादव जी ने किस तरह लोकतंत्र के नाम पर, चुनाव के नाम पर मत पेटियों को लूटवाने का काम करते थे वह पूरा बिहार जानता है।

उन्होने लिखा कि आप राहुल गांधी जी के साथ ‘वोट अधिकार यात्रा’ निकालिए लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है लेकिन मैं राहुल गांधी जी से पूरा देश जानना चाहता है कि कृपया करके यह बताएं कि 1951 -52 यानी देश में जो पहला चुनाव हुआ था उस समय से लेकर कांग्रेस के शासनकाल में जो भी चुनाव हुए हैं उसमें किस तरह से धांधली हुई है किस तरह से वोट चोरी हुई है उसके बारे में भी वोट अधिकार यात्रा के दौरान जरूर बताएं।

नित्यानंद राय ने पत्र लिखकर कांग्रेस और आरजेडी के शासनकाल पर सवाल उठाए हैं। साथ ही राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर एसआईआर को लेकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। इससे पहले तेजस्वी यादव ने भी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए पर लंबा-चौड़ा पत्र लिखा था। जिसमें उन्होने वोटर लिस्ट से काटे गए लोगों का जिक्र किया, और 17 अगस्त से शुरू हो रही बिहार वोटर अधिकार यात्रा में लोगों से हिस्सा लेने की अपील की।



