पहले बता देते तो लोग बिहार छोड़ के भाग जाते, तेजस्वी ने किसान वाले बयान पर एडीजी को घेरा

बिहार में बढ़ते क्राइम ग्राफ पर अपर पुलिस महानिदेशक(एडीजी) कुन्दन कृष्णन के बयान पर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पुलिस के वरीय पदाधिकारी के बयान पर तंज कसा है। कहा है कि ऐसे पदाधिकारियो को छुट्टी लेकर चले जाना चाहिए। या हत्या की वारदातों को लेकर जनता को पहले सचेत कर देना चाहिए ताकि लोग बिहार छोड़कर भाग जाएं। गुरुवार को अपराध के सवाल पर एडीजी कृष्णन ने इसे किसानों से जोड़ दिया था। राजद प्रवक्ता ने कहा कि सरकार से लिखकर जो मिला उसे बोल रहे हैं।
बिहार में पिछले कुछ दिनों से हत्या का बेलगाम दौर जारी है। सरकार और बिहार पुलिस को अपराधी खुली चुनौती दे रहे हैं। खुद नीतीश कुमार भी इन घटनाओं को लेकर चिंतित हैं। लेकिन क्राइम कंट्रोल में विफल पुलिस बयानों के झोल में फंसाकर पल्ला झाड़ रही है।

गुरुवार को एडीजी मुख्यालय कुंदन कृष्णन ने कहा कि अप्रैल, मई और जून में हत्या की घटनाएँ हर साल अधिक होती हैं। उन्होंने वजह भी बताया। कहा कि इन दिनों किसानों के पास का नहीं होता इसलिए वारदातों में बढ़ोतरी हो जाती है। बारिश होने पर किसान कृषि कार्य में लग जाते हैं तो घटनाएं कम हो जाती हैं।

ए़डीजी के इस अजूबे वक्तव्य को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने लपक लिया है। उन्होंने कहा कि क्राइम बढ़ने पर पुलिस मौसम को जिम्मेदार ठहरा रही है। अगर अपराध को लेकर पहले से जानकारी है तो सचेत कर देते ताकि लोग बिहार छो़ड़कर कहीं और निकल जाते। जान तो बच जाती। यह क्या बयान है कि मॉनसून में हत्या की घटना बढ़ गईं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार उनकी योजनाओं का नकल कर रही है। इसी बहाने लोगों का भला तो हो रहा है। सरकार श्रेय ले रही है तो लेने दीजिए। उन्होंने चुनाव आयोग पर बीजेपी और अमित शाह के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया। जो पहले से तय कर दिया गया वही काम आयोग कर रही है।




