NDA की बैठक में CM के सामने ही विजय सिन्हा और अशोक चौधरी आपस में भिड़े! तेजस्वी बोले- भ्रष्टाचार की बंदरबाँट…

बिहार में एनडीए विधायक दल की बैठक में जमकर हंगामा हुआ. डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने जेडीयू के मंत्री अशोक चौधरी पर नाराजगी जताई, जिसके बाद कई बीजेपी विधायक उनके समर्थन में खड़े हो गए. इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चुपचाप बैठे रहे, जबकि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी देखते रहे.
विजय सिन्हा और अशोक चौधरी के बीच तीखी नोकझोंक
एनडीए विधानमंडल दल की बैठक में विजय सिन्हा और अशोक चौधरी के बीच तीखी नोकझोंक हुई. यह विवाद ग्रामीण कार्य विभाग के एक उद्घाटन समारोह में स्थानीय विधायक को आमंत्रित न किए जाने को लेकर शुरू हुआ.

विजय सिन्हा ने बैठक में प्रहलाद यादव का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि प्रहलाद यादव ने सरकार बनाने में समर्थन दिया था और इसकी जानकारी शीर्ष नेताओं को पहले से थी. इसके अलावा, ग्रामीण कार्य विभाग में ग्लोबल टेंडरिंग को लेकर भी विधायकों ने नाराजगी जताई.
बीजेपी विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू सहित कई विधायकों ने ग्लोबल टेंडरिंग के कारण होने वाले नुकसान को लेकर अशोक चौधरी पर सवाल उठाए. विजय सिन्हा ने अशोक चौधरी से गठबंधन धर्म का पालन करने की बात कही. मुख्यमंत्री के सामने हुई इस नोकझोंक के दौरान बीजेपी विधायकों ने अशोक चौधरी के खिलाफ हूटिंग भी की.

तेजस्वी ने साधा निशाना:
तेजस्वी ने इस मामले पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर लिखा-
भ्रष्टाचार की बंदरबाँट को लेकर एनडीए के उपमुख्यमंत्री और वरीय मंत्री बैठक में ही एक दूसरे से झगड़ने लगे।
जदयू के अधीन ग्रामीण कार्य विभाग में ग्लोबल टेंडरिंग के माध्यम से केवल बड़े ठेकेदारों को ठेका देकर चुनाव पूर्व जेडीयू ने 1000 करोड़ रुपये वसूलने का लक्ष्य रखा है। चुनाव पूर्व ग्रामीण सड़कों का निर्माण भी नहीं होना है लेकिन केवल टेंडर मैनेज कर लूट-खसोट का खेल चल रहा है। भ्रष्टाचार इतना अधिक है कि एनडीए विधायक भी चूँ तक नहीं कर सकते।
हर घर का नल का जल तो इससे भी बड़ा भ्रष्टाचार है। उसमें राज्य के खजाने से हज़ारों करोड़ की संस्थागत लूट हुई है। मुख्यमंत्री अचेत और खामोश है। बाक़ी मंत्रियों को अच्छे से पता है कि सरकार जाने वाली है इसलिए खुलम-खुला लूट मची है। उपमुख्यमंत्री बेचारे विजय सिन्हा जी को कितना बेबस कर दिया है।
भ्रष्टाचार की बंदरबाँट को लेकर एनडीए के उपमुख्यमंत्री और वरीय मंत्री बैठक में ही एक दूसरे से झगड़ने लगे।
जदयू के अधीन ग्रामीण कार्य विभाग में ग्लोबल टेंडरिंग के माध्यम से केवल बड़े ठेकेदारों को ठेका देकर चुनाव पूर्व जेडीयू ने 1000 करोड़ रुपये वसूलने का लक्ष्य रखा है। चुनाव… pic.twitter.com/ekAgmd79yo
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) July 21, 2025




