बिहार सरकार ने बढ़ते बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए मध्याह्न भोजन योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब शुक्रवार को स्कूलों में अंडे नहीं दिए जाएंगे। इसकी जगह बच्चों को 100 ग्राम के समतुल्य सेब या केला या अन्य मौसमी फल दिया जाएगा।
सरकार ने क्यों लिया ये फैसला?
राज्य में बर्ड फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने शुक्रवार के मिड-डे मील से अंडे हटाने का फैसला किया है।
क्या होगा आगे?
सरकार का कहना है कि अगर हालात सामान्य होते हैं, तो दोबारा अंडे देने पर विचार किया जाएगा।
बिहार के तीन जिलों में बर्ड फ्लू की पुष्टि
बिहार में बर्ड फ्लू तेजी से फैल रहा है। अब तक बिहार के तीन जिलों पटना, भागलपुर और जहानाबाद में बर्ड फ्लू के मामले की पुष्टि हो चुकी है। सावधानी और मॉनीटरिंग (निगरानी) से ही बर्ड फ्लू के खतरे से बचा जा सकता है, क्योंकि बर्ड फ्लू से बचाव के लिए कोई टीका नहीं है। मौसमी फ्लू से बचाने वाला टीका इसे नहीं रोक पाता।
ये बरतें सावधानी
● कौवा, कबूतर, मुर्गी आदि के मरने पर सतर्कता जरूरी है, मुर्गी फार्म की नियमित सफाई और सेनेटाइज करें
● मुर्गी फार्म के मजदूरों को मास्क, हाथ में ग्लब्स और पैर में जूते पहन ही काम करना चाहिए
● पक्षियों के मांस और अंडे को कच्चा या अधपका न खाकर पूरा पका हुआ खाना चाहिए
● बर्ड फ्लू प्रभावित पक्षी के मांस को भी 100 डिग्री तापमान पर पकाकर खाने की स्थिति में इसका खतरा नहीं रहता है
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