बिहार में ट्रेन को पलटने की बड़ी साजिश की गयी। झाझा-जमुई- किऊल रेलखंड पर ट्रैक को एक इंच तक काट दिया गया। असामाजिक तत्वों ने रेलवे लाइन को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया और रेलवे ट्रैक को आरी पत्ती से काटने की कोशिश की और सेफ्टी क्लिप भी निकाल दी गई। मामला हावड़ा-नई दिल्ली मुख्य रेल लाइन पर झाझा-जमुई- किऊल रेलखंड पर पॉल संख्या 371/21 नागी नदी पूल के निकट की है।
रेल हादसा के प्रयास की बड़ी साजिश के बाद इसकी जांच रेल पुलिस थानाध्यक्ष वृंद कुमार तथा रेलवे सुरक्षा बल के सहायक समदेष्टा हरि नारायण राम, इंस्पेक्टर अनिता कुमारी समेत अन्य पदाधिकारियों ने देर रात की। कटी हुई पटरी से कई ट्रेनें गुजरीं। पेट्रोल मैन ऑन ड्यूटी दिलीप कुमार तथा राहुल कुमार ने रात 10:00 बजे से अपनी 3 घंटे की ड्यूटी पर पटरी जांच के दौरान लगभग 11:00 बजे रात पटरी में कट देखा और इसकी सूचना झाझा के स्टेशन प्रबंधक तथा पथ निरीक्षक को दी। उसके बाद विभागीय अधिकारी रेल प्रशासन के अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर जाकर जांच किए।आरपीएफ ने इस घटना की देर रात ही जांच की।
रेलवे सुरक्षा बल झाझा के सहायक सुरक्षा आयुक्त हरि नारायण राम ने कहा कि वह पुराना कट है। छानबीन की जा रही है। घटनास्थल के बगल एक छोटी सी झाड़ी में अखबार का एक टुकड़ा तथा लोहा काटने की एक आरी पत्ती को रेल कर्मियों ने देखा। इस संबंध में पूछे जाने पर आरपीएफ एएससी ने इसके प्राप्त होने की बात से इनकार किया।
झाझा-जमुई- किऊल पटना रेलखंड पर अप ट्रैक पर 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों का देर रात से दोपहर तक परिचालन कर थोड़े समय के लिए पटरी बदलने हेतु लाइन ब्लॉक लिया गया।
आरपीएफ के एएससी श्री राम ने रेल पटरी को बांधे रखने वाली पेंडौल क्लिप को पूर्व में तीन बार खोले जाने की घटना तथा ऐसी चौथी घटना के घटित होने के बाबत पूछे जाने पर कहा कि एक माह पूर्व लाइन को टाइट करने के लिए प्रयोग होने वाली 5-6 पेंडौल को खोले जाने की पीडब्ल्यूआई ने बात बताई थी। घटनास्थल पर एक रेलकर्मी ने कहा कि तीन बार पेंडौल खोलने की पूर्व में घटना को अपराधियों द्वारा अंजाम दिया जा चुका है।
घटनास्थल के एक तरफ घोरिकवा गांव है तो दूसरी तरफ फतेहपुर जहां एक खास समुदाय के लोगों की अच्छी खासी आबादी है और रेलकर्मी शक करते मिले कि घोरिकवा या उसके आसपास आपराधिक तत्व हो सकते हैं। असामाजिक तत्व ट्रैक को पूरा काट पाने में सफल नहीं हुए तो उन्होंने ट्रैक को लगभग 1 इंच कटा छोड़ दिया जिस पर कई ट्रेनें भी गुजर गई। घोरिकवा एवं रानीकुरा गांवों के समीप घटी घटना के संबंध में रेलवे सुरक्षा बल झाझा के सहायक सुरक्षा आयुक्त हरि नारायण राम ने पूछे जाने पर दूरभाष पर बताया कि वह झाझा से बाहर हैं। घटना को लेकर कहा कि यह पुराना कट है। छानबीन की जा रही है।
आरी पत्ती के होने की बात से आरपीएफ एएससी श्री राम ने इनकार किया है। कहा किपूर्व में भी लाइन को टाइट करने के लिए पेंड्रौल को खोले जाने की बात सामने आ रही है, इस संबंध में भी पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि एक बार की जानकारी लगभग 1 माह पूर्व पीडब्ल्यूआई ने दी है।
असामाजिक तत्वों ने दादपुर बीएच तथा झाझा रेलवे स्टेशन के बीच रानीकुरा गांव के समीप रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। इस रेलखंड के अप रेल लाइन के पोल संख्या 371/21 और 371/23 के बीच बीते शुक्रवार देर रात ट्रैक को काटने का प्रयास किया गया है।
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