मंत्री बनते ही BJP MLA के खुलने लगे ‘काले राज़’, क्या देना पड़ेगा इस्तीफ़ा; RJD ने साधा निशाना

बिहार चुनाव से पहले नीतीश की कैबिनेट पूरी हो गई. नए मंत्रियों के शपथ के साथ ही कैबिनेट विस्तार हो गया. भाजपा कोटे से 7 चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिली. अब बिहार मंत्रिमंडल का 36 वाला कोटा फुल हो गया. मंत्री पद की शपथ लेने वालों में वैसे तो सात नाम हैं, मगर एक की चर्चा सबसे अधिक है. यह वह नाम है, जिससे भाजपा बैकफुट पर जा सकती है. जी हां, वह नाम है- राजू कुमार सिंह. साहेबगंज के रसूखदार विधायक.
राजू सिंह और विवाद का चोली-दामन का साथ रहा है. सियासत में राजू सिंह आगे-आगे तो कांड पीछे-पीछे चलते आ रहे हैं. कभी किडनैपिंग तो कभी जमीन कब्जाने तो कभी हत्या के आरोप. राजू सिंह विधायक तो कई बार बने, मगर अब जाकर असल किस्मत खुली है. वह नीतीश सरकार में पहली बार मंत्री बने हैं.

राजू सिंह को लेकर बिहार के मुख्य विपक्षी दल RJD ने भी बड़ा हमला बोला है. राजद ने अपने X (पूर्व में ट्विटर) प्लेटफॉर्म पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी दोनों पर बड़ा हमला बोला है. RJD ने लिखा- “नीतीश कुमार ने हत्या, अपहरण और दलित अधिकारियों को पीटने वाले बीजेपी विधायक को मंत्री बनाया है। यही नीतीश कुमार का असली चाल, चेहरा और चरित्र है। इनकी कथनी और करनी में भारी अंतर है। बीजेपी तो है ही गुंडों की पार्टी।” आपको बता दें की अगर विवाद बढ़ता है तो राजू सिंह को कैबिनेट से इस्तीफा भी देना पड़ सकता है क्योंकि नीतीश कुमार की सरकार में ऐसे कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं.


क्या है राजू सिंह की पृष्टभूमि
राजू कुमार सिंह रसूखदार और ताकतवर नेता हैं. मुजफ्फरपुर और वैशाली इलाके में बड़ा नाम है. वह नेता के साथ-साथ बड़े बिजनेसमैन हैं. कुछ लोग तो उन्हें अघोषित बाहुबली भी कहते हैं. कारण उनका रूतबा और उनके कारनामे. उनका अतीत विवादों से घिरा रहा है. जब से सियासत में आए हैं, तब से ही कांड उनका पीछा कर रहा है. चाहे न्यू ईयर पार्टी में ठांय-ठांय कांड हो या लोकसभा चुनाव में पैसा बांटने वाला कांड. या यूं कहिए कि किडनैपिंग का केस हो या मारपीट कांड. राजू सिंह के साथ कई विवाद रहे हैं. अमीरी के मामले में भी राजू सिंह का कोई जवाब नहीं. अब जब वह मंत्री बन गए हैं तो ऐसे में वह नीतीश कैबिनेट में ताकतवर मंत्री भी हो गए हैं.

राजू सिंह का विवादों से नाता
राजू सिंह पर हत्या और किडनैपिंग जैसे कई आरोप लगे हैं. राजू सिंह शुरू से ही दबंग छवि के नेता रहे हैं. उनके ऊपर किडनैपिंग, हत्या और आर्म्स एक्ट समेत दर्जनों क्रिमिनल केस हैं. सबसे चर्चित कांड तो न्यू ईयर पार्टी में फायरिंग कांड है. यह बात साल 2019 की है. वह दिल्ली के वसंत कुंज स्थित अपने फार्महाउस में नए साल का जश्न मना रहे थे. जब वह हवाई फायरिंग कर ठांय-ठांय वाला जश्न मना रहे थे. तभी अचानक गोली जाकर एक महिला को लगी. उसका नाम था- अर्चना गुप्ता. पेशे से वह आर्किटेक्ट थी. इस फायरिंग में उसकी मौत हो गई. राजू सिंह पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगा. इस मामले में राजू सिंह गिरफ्तार भी हुए. मामला कोर्ट में है.

पिछले लोकससभा चुनाव में भी वह लाइमलाइट में तब आए, जब उनके ऊपर पैसे बांटने का आरोप लगा. 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान वह वैशाली सांसद वीणा देवी के रोड शो शामिल हुए थे. इस दौरान उनक पर पैसा बांटने का आरोप लगा. इसमें उनके खिलाफ आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ. राजद नेता अपहरण कांड में भी राजू सिंह का नाम खूब उछला था. राजू सिंह पर राजद नेता तुलसी प्रसाद यादव को अगवा करने और मारपीट करने का आरोप है. सीओ की पिटाई मामले में भी उनके ऊपर केस दर्ज है. इस तरह से देखा जाए तो राजू सिंह का दामन दागदार रहा है. वह भले ही नीतीश सरकार में रसूखदार मंत्री बन गए हैं, मगर विपक्ष को इस बहाने हमला करने का एक मौका जरूर मिल गया है.

