बिहार पुलिस ने अपनी फोर्स को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अस्वस्थ और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे पुलिसकर्मियों को रिटायर किया जाएगा। ये निर्देश बिहार पुलिस मुख्यालय (PHQ) के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) कुंदन कृष्णन ने दिया। सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और पुलिस अधीक्षक (SP) ऐसे पुलिसकर्मियों की पहचान करेंगे जो सेवा के लिए योग्य नहीं हैं। इसके पीछे का मकसद बिहार पुलिस के उच्च मानकों को बनाए रखना है।
बिहार पुलिस अपने बल को फिट और स्वस्थ रखने के लिए कमर कस रही है। इसके लिए अस्वस्थ और पुरानी बीमारियों से ग्रस्त पुलिसकर्मियों को सेवानिवृत्त करने का फैसला लिया गया है। ADG कुंदन कृष्णन ने शनिवार को इस आदेश की जानकारी दी। उन्होंने सभी जिलों के SSP और SP को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे पुलिसकर्मियों की पहचान करें जो ड्यूटी के लिए फिट नहीं हैं।
कुंदन कृष्णन ने कहा, ‘सभी जिला SSP और SP इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द लागू करें।’ इस आदेश के अनुसार, स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए, जो पुलिस अधिकारी फिटनेस मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं, उन्हें जबरन रिटायर किया जा सकता है। मासिक पुलिस सभा के दौरान, सभी अधिकारियों को उनकी नौकरी के लिए फिटनेस के महत्व के बारे में बताया जाएगा। SSP और SP यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक अधिकारी को फिट रहने की आवश्यकता के बारे में पता हो। अगर कोई अनफिट पाया जाता है, तो उसे रिटायर कर दिया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी जिला SSP और SP को यह प्रक्रिया जल्द से जल्द लागू करनी होगी।
ADG कुंदन कृष्णन ने साफ-साफ बता दिया
बिहार पुलिस हैंडबुक 1978 और नियम 809 का जिक्र करते हुए कुंदन कृष्णन ने बताया, ‘यह फैसला, ये सुनिश्चित करने के लिए है कि केवल शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ कर्मी ही बल में सेवा दें। यह फैसला पूरी मेडिकल जांच के बाद लिया जाएगा। पुलिसकर्मियों को इस फैसले के खिलाफ अपील करने का भी मौका दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरी मेडिकल जांच के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।
बिहार पुलिस के अन्य विंग को भी ऐसे अधिकारियों और कर्मियों की पहचान करने का निर्देश दिया गया है जो लंबे समय से एक ही जगह पर तैनात हैं। इन अधिकारियों को उनकी क्षमता के अनुसार अन्य विंग में ट्रांसफर किया जाएगा। अगर वे अनफिट पाए जाते हैं या पुरानी बीमारियों से पीड़ित हैं, तो उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के लिए कहा जाएगा। ADG ने कहा कि उन्हें पेंशन सहित सभी सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वालों को सभी लाभ मिलेंगे।
सबको चाहिए पटना में ही पोस्टिंग?
अनफिट कर्मियों को रिटायर करने का फैसला बिहार पुलिस के उच्च मानकों को बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए है कि केवल फिट कर्मी ही बल में सेवा दें। कृष्णन ने कहा कि ज्यादातर पुलिस अधिकारी और कर्मी राज्य की राजधानी पटना में तैनात होना चाहते हैं। वे इसके लिए कई कारण बताते हैं, जैसे मेडिकल आधार, माता-पिता की बीमारी और पति या पत्नी की पोस्टिंग।
हाल ही में 1,000 से ज्यादा पुलिस अधिकारियों/कर्मियों ने पटना में ट्रांसफर के लिए आवेदन किया था। लेकिन मेडिकल बोर्ड की कड़ी जांच और वैध आधार पर उनमें से लगभग 80 को ही मौका दिया गया। जिन अधिकारियों या कर्मियों की पत्नी/पति सरकारी नौकरी में हैं, उन्हें भी उसी जिले में ट्रांसफर में प्राथमिकता दी जाती है। कृष्णन ने बताया कि ट्रांसफर के लिए कड़े नियम लागू हैं।
समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले के पटोरी रेलवे स्टेशन के पास शनिवार को नारकोटिक्स सेल और…
समस्तीपुर : मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जितवारपुर हसनपुर में बीते आठ फरवरी को हुए जस्सी…
समस्तीपुर : समस्तीपुर नगर थाने की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर शनिवार को…
समस्तीपुर : कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन समस्तीपुर के संयुक्त तत्वावधान…
बिहार में एक खनन निरीक्षक (Mining Inspector) पुलिस कस्टडी से फरार हो गया। अवैध बालू…
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार राजनीति में कदम रखने के बाद…