बिहार के 11सौ डाकघर में इंडियन पोस्ट पेंमेंट बैंक (आईपीपीबी) शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही इस वित्तीय वर्ष में डेढ़ करोड़ खाता धारकों की संख्या बढ़ाने का भी लक्ष्य रखा जाएगा। केन्द्रीय बजट में इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक का ग्रामीण स्तर पर विस्तार करने की घोषणा हुई है। डाक विभाग का बिहार सर्कल भी इसको लेकर अपनी तैयारी शुरू करेगा, जिन ग्रामीण इलाकों के डाकघरों में अभी आईपीपीबी नहीं खोला जा सका है, वहां इसकी सुविधा दी जाएगी। इससे खाता धारकों की संख्या बढ़ेगी।
बता दें कि बिहार सर्कल में कुल 9430 डाकघर हैं, इसमें शहरी क्षेत्र में 1171 और ग्रामीण क्षेत्र में कुल 8259 डाकघर है। इसमें से अभी ग्यारह सौ ऐसे डाकघर है, जहां पर आईपीपीबी का सुविधा नहीं है। अब इन डाकघरों में भी आईपीपीबी की सुविधा शुरू होगी। डाक विभाग बिहार सर्कल की मानें तो अभी आईपीपीबी के कुल खाताधारी डेढ़ करोड़ हैं। वर्ष 2024-25 में अब तक 17 लाख खाताधारी हुए है। हर साल 15 से 20 लाख खाताधारी बन रहे हैं।
सभी जिला मुख्यालय के साथ ग्रामीण डाकघर में होगा आईपीपीबी : राज्य के सभी 38 जिला मुख्यालय के प्रधान डाकघरों के अलावा सभी शाखा डाकघरों में भी आईपीपीबी की सुविधा है, लेकिन इसके बावजूद खाताधारी की संख्या बहुत ज्यादा नहीं बढ़ पाता है। इनकी संख्या बढ़े, इसके लिए अब ग्रामीण स्तर पर डाकघर में भी यह सुविधा दी जाएगी। बता दें कि आईपीपीबी में खाता खुलने से तमाम तरह की योजनाओं का पैसा भेजा जाता है। इससे लाभुकों को योजना का लाभ उनके खाते में सीधा जा सकेगा।
ग्रामीण इलाकों में आईपीपीबी में खाता धारकों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इस वित्तीय वर्ष में आईपीपीबी में तीन करोड़ खाता धारकों की संख्या बढ़ाई जाएगी। सभी गांव के डाकघरों में आईपीपीबी शुरू किया जाएगा। इससे खाता धारकों की संख्या बढ़ेगी।
– पवन कुमार, निदेशक, डाक विभाग बिहार सर्कल
बिहार के दस हजार स्कूलों में ब्रॉडबैंड की सुविधा मिलेगी। केन्द्रीय वित्त मंत्री की ओर से सभी सरकारी माध्यमिक स्कूलों में ब्राडबैंड की सुविधा देने की घोषणा का बिहार को बड़ा लाभ होगा। इस योजना का लाभ सूबे के लगभग दस हजार विद्यालयों को होगा। यही नहीं सरकारी विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा को बढ़ावा देने की राज्य सरकार के प्रयास को बल मिलेगा।
शिक्षा विभाग ने पिछले दिनों माध्यमिक विद्यालयों में भी चरणबद्ध तरीके से कंप्यूटर शिक्षा की योजना पर काम कर रही है। केन्द्रीय बजट की इस घोषणा के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर तकनीक के उपयोग का रास्ता भी प्रशस्त होगा। सरकारी विद्यालयों के बच्चों के लिए शिक्षा का नया द्वार खुलेगा। यही नहीं केन्द्रीय बजट में 10 हजार लोगों को पीएम रिसर्च फैलोशिप देने की भी घोषणा की गयी है।
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