बिहार सरकार ने भूमि सर्वे के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक अनोखा कदम उठाया है. इसके तहत राजस्व और भूमि सुधार विभाग ने भूमि सर्वे से संबंधित जन-जागरूकता फैलाने के लिए नुक्कड़ नाटक का आयोजन करने का निर्णय लिया है. इस पहल का पहला प्रदर्शन पटना के सर्वे प्रशिक्षण संस्थान में सोमवार को किया गया. इस नाटक के जरिए भूमि सर्वे से जुड़े जटिल विषयों को आम जनता तक सरल भाषा में पहुंचाने का प्रयास किया गया है.
नुक्कड़ नाटक का उद्देश्य
यह नुक्कड़ नाटक 45 मिनट का था और इसमें भूमि सर्वे के विभिन्न पहलुओं को समझाने के लिए सामान्य बातचीत की शैली का उपयोग किया गया. राजस्व और भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों और कर्मियों ने इसे देखा, और इस दौरान कुछ सुझाव भी सामने आए, जिन्हें अब स्क्रिप्ट में शामिल किया जाएगा. इस कार्यक्रम में विभाग के सचिव जय सिंह और भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशक कमलेश कुमार सिंह भी उपस्थित थे. सचिव जय सिंह ने कहा कि अभी भी रैयतों को भूमि संबंधी तकनीकी मुद्दों को समझने में कठिनाई होती है, और इस नाटक के माध्यम से इन समस्याओं को हल करने की कोशिश की जाएगी.
नुक्कड़ नाटक का लाभ
सचिव जय सिंह ने कहा कि गांवों के लोग भूमि सर्वे के तकनीकी पहलुओं को समझने में अक्सर असमर्थ रहते हैं. इस नाटक के जरिए उन्हें किस्तवार, खानापुरी, सुनवाई, कैथी लिपि, और भू-अभिलेख पोर्टल जैसे विषयों को सरल भाषा में समझाया जाएगा. इससे लोगों की भूमि सर्वे में रुचि बढ़ेगी और सर्वे कार्य में तेजी आएगी. साथ ही, यह कदम सर्वे कर्मियों के लिए भी सहूलियत प्रदान करेगा, क्योंकि उन्हें समय पर अपना काम पूरा करने में मदद मिलेगी.
अगले माह से शुरू होगा राज्यभर में नुक्कड़ नाटक
विभाग रेडियो और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी सर्वे के बारे में बता रहा है. विभाग के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार जानकारी दी जा रही है. सर्वे की सफलता के लिए जरूरी है कि लोगों को इससे संबंधित सभी जानकारी उपलब्ध हो. अगले महीने बिहार के सभी 534 अंचलों में एक साथ इस नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया जाएगा. प्रत्येक अंचल में नाटक मंडली को दो दिन प्रस्तुति देने का अवसर मिलेगा, और हर मंडली प्रतिदिन दो स्थानों पर नाटक का मंचन करेगी. इस प्रकार एक अंचल में चार स्थानों पर नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन होगा. इस आयोजन में करीब चार दर्जन नाटक मंडलियां हिस्सा लेंगी और हर मंडली में 10 कलाकार होंगे.
नुक्कड़ नाटक का नाम और थीम
इस नुक्कड़ नाटक का नाम ‘चली सरकार जनता के द्वार, आपकी जमीन आपके नाम’ रखा गया है. नाटक में मुखिया और राजस्व अधिकारी के माध्यम से भूमि सर्वे के तकनीकी पहलुओं को दर्शाया जाएगा. नाटक में गीत-संगीत का भी समावेश किया गया है, ताकि लोग इसे अच्छे से समझ सकें और जागरूकता का प्रभाव अधिक प्रभावी हो सके.
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