ई बिहार है भईया…शराब तस्करों का कारनामा देख चकराया पुलिस का माथा, बाइक की टंकी में पेट्रोल की जगह मिली 13 लीटर शराब
बिहार में पिछले 8 वर्षों से शराबबंदी कानून लागू है। पुलिस शराब की तस्कीर को पकड़ने के लिए तरह-तरह के उपाय अपना रही है। जिले में अभियान चलाकर शराब तस्करों की गिरफ्तारी की जा रही है। बावजूद शराब तस्कर तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।
ताजा मामला गंगा ब्रिज थाना क्षेत्र की है जहां, पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने मोटरसाइकिल की टंकी में शराब तस्करी करते तीन तस्करों को दो बाइक के साथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई थाना अध्यक्ष अभिषेक त्रिपाठी के नेतृत्व में बीती रात की गई। तीनों तस्कर मोटरसाइकिल की टंकी में शराब भरकर लेकर जा रहे थे।

83 लीटर शराब के साथ किया गिरफ्तार
पुलिस ने गंगा ब्रिज थाना क्षेत्र के दीवान टोंक से नवादा खुर्द बाजार जाने वाली रोड के निकट से दो मोटरसाइकिल के साथ तीन शराब तस्कर को करीब 83 लीटर देसी शराब के साथ गिरफ्तार कर लिया। दो तस्कर रात्रि में अंधेरा का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।
गिरफ्तार किया गया शराब तस्कर और देसी शराब को पुलिस बरामद कर थाने पर ले आई। पुलिस शराब तस्कर से गहन पूछताछ के पश्चात प्राथमिकी दर्ज कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा।

गिरफ्तार किया गया शराब तस्कर थाना क्षेत्र के दीवान टोंक निवासी लाल बहादुर राय के पुत्र राम जी राय, नागेंद्र राय के पुत्र विकास कुमार एवं उपेंद्र दास के पुत्र मंजय कुमार बताया गया। वहीं अंधेरे का लाभ उठाकर दो तस्कर मौके से फरार हो गया।

मोटरसाइकिल की टंकी में 13 लीटर देसी शराब बरामद
मोटरसाइकिल की टंकी से लगभग 13 लीटर देसी शराब पुलिस ने बरामद किया। पुलिस मोटरसाइकिल की टंकी में शराब तस्करी का तकनीक बनाने वाले मिस्त्री के बारे में गहन पूछताछ के पश्चात आवश्यक कार्रवाई में जुटी है।

सदर एसडीपीओ वन ओमप्रकाश ने बताया कि गंगा ब्रिज थाना की पुलिस ने 83 लीटर देसी शराब दो बाइक के साथ तीन तस्कर को गिरफ्तार किया है। बाइक की टंकी में करीब 13 लीटर देसी शराब बरामद किया गया।
उन्होंने कहा कि मोटरसाइकिल में पैट्रोल सप्लाई के लिए अलग से बोतल में पेट्रोल रखा गया था। इस तरह के तकनीक बनाने वाला मिस्त्री के बारे में पता किया जा रहा है।

शराब तस्करी गंभीर अपराध
बता दें कि शराब तस्करी एक गंभीर अपराध है जिसमें शराब की अवैध खरीद, बिक्री और परिवहन शामिल है। यह गतिविधि अक्सर माफिया और अपराधी समूहों द्वारा की जाती है जो शराब को अवैध रूप से बेचकर बड़ी मात्रा में पैसा कमाते हैं।

