बिहार सरकार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को और भी आसान और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. इसको लेकर कई अहम कदम भी उठाए गए हैं. अब माध्यमिक शिक्षा के निदेशक योगेंद्र सिंह ने सभी जिलों के डीईओ को निर्देश देते हुए कहा है कि शिक्षकों के मूल प्रमाण पत्र और शपथ पत्र की गहनता से समीक्षा के बाद ही नियुक्ति पत्र जारी किया जाए. शिक्षा विभाग की तरफ से उठाए गए इस कदम के पीछे कई कारण हैं. जैसे साइबर कैफे में आवेदन भरते समय कई शिक्षकों के नाम, पता, उम्र, आधार नंबर आदि में कई तरह की गलतियां हो जाती हैं. इन गलतियों की वजह से नियुक्ति पत्रों में भी गलतियां देखी गई हैं. ई-शिक्षा कोष और सेवा पुस्तिका आदि में भी गलत जानकारी दर्ज हो गई है.
ऐसे में डीईओ मूल प्रमाण पत्र के साथ-साथ कार्यपालक दंडाधिकारी की तरफ से प्राप्त शपथ पत्र की भी रिव्यू करेंगे. इसके बाद गलतियों को सुधारने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे. इससे शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी.
बिहार शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2025-29 के लिए एफिलिएशन के लिए कॉलेजों से आवेदन मांगे हैं. इस प्रक्रिया के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 25 सितंबर है. आवेदन कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय के लिए मांगे गए हैं. कॉलेजों को इसके लिए आवेदन कॉलेज एफिलिएशन पोर्टल पर ऑनलाइन ही करना होगा. वहीं पटना विश्वविद्यालय और मौलाना मजहरूल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय को इससे अलग रखा गया है.
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